ओम प्रकाश माथुर 23 अक्टूबर को केरलम के नए राज्यपाल के रूप में शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह लोक भवन के ऑडिटोरियम में दोपहर 12 बजे से 12:30 बजे के बीच आयोजित होगा। केरलम हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सौमेन सेन उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे।
माथुर इससे पहले सिक्किम के राज्यपाल के रूप में कार्य कर चुके हैं। वह राजस्थान के पाली जिले के बाली क्षेत्र के बेडल गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रचारक के रूप में सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की। वह बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव रहते हुए गुजरात के प्रभारी भी रहे हैं। इसके अलावा, वह राजस्थान से राज्यसभा के सदस्य भी रह चुके हैं। ओम प्रकाश माथुर, राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर की जगह केरलम के 29वें राज्यपाल का पद संभालेंगे। अर्लेकर को तमिलनाडु का राज्यपाल नियुक्त किया गया है।
राष्ट्रपति ने चार अन्य राज्यों में भी नियुक्त किए राज्यपाल
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने करीब एक सप्ताह पहले चार अन्य राज्यों में भी नए राज्यपालों की नियुक्ति की थी। इनमें सुधा यादव को कर्नाटक, ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड, ब्रज मोहन राम को ओडिशा और दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया गया है।
इन नियुक्तियों के साथ छह राज्यों में राज्यपालों के फेरबदल की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। सभी नियुक्तियां संबंधित राज्यपालों के पदभार संभालने की तारीख से प्रभावी होंगी।
सुधा यादव को कर्नाटक की जिम्मेदारी
सुधा यादव हरियाणा के महेंद्रगढ़ से पूर्व लोकसभा सांसद और बीजेपी संसदीय बोर्ड की सदस्य हैं। उन्होंने आईआईटी रुड़की से रसायन विज्ञान में एमएससी और पीएचडी की है। वह 2019 से 2022 तक राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की सदस्य भी रह चुकी हैं।
उनके पति सुखबीर सिंह यादव बीएसएफ में डिप्टी कमांडेंट थे और कारगिल युद्ध के दौरान शहीद हुए थे। इसके बाद सुधा यादव ने चुनावी राजनीति में कदम रखा और महेंद्रगढ़ से लोकसभा सदस्य बनीं।
ढाल सिंह बिसेन बने उत्तराखंड के राज्यपाल
मध्य प्रदेश के बालाघाट से पूर्व लोकसभा सांसद ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वह मध्य प्रदेश में विधायक और कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। उनके पास स्कूल शिक्षा, वन, परिवहन और खनन जैसे विभागों की जिम्मेदारी रही है। उन्होंने मध्य प्रदेश के चौथे राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष के रूप में भी काम किया है। पेशे से आयुर्वेद चिकित्सक बिसेन भारतीय चिकित्सा पद्धतियों में रुचि रखते हैं।
ब्रज मोहन राम को ओडिशा और दुष्यंत गौतम को सिक्किम की जिम्मेदारी
झारखंड के पूर्व सांसद ब्रज मोहन राम को ओडिशा का राज्यपाल बनाया गया है। वह पलामू लोकसभा क्षेत्र से 1996, 1998 और 1999 में लगातार तीन बार सांसद चुने गए थे। वह अविभाजित बिहार में विधायक भी रह चुके हैं। उनका अनुसूचित जाति मोर्चा और धोबी महासंघ से जुड़ाव रहा है।
वहीं, बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वह पार्टी के अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष रह चुके हैं। इसके अलावा, उन्होंने दिल्ली नगर निगम में पार्षद और राज्यसभा सदस्य के रूप में भी काम किया है।
इन नियुक्तियों के जरिए केंद्र ने छह राज्यों में राज्यपालों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया है। नए राज्यपालों के पदभार संभालने के साथ ही यह फेरबदल प्रभावी हो जाएगा।