Breaking News

रोहित शेट्टी के घर फायरिंग का जिम्मेदार हैरी बॉक्सर अमेरिका में हिरासत में     |   गाजियाबाद पुलिस चौकी के अंदर धमाका, 'तहरीक-उल-मुजाहिदीन हिंदुस्तान' ने ली जिम्मेदारी     |   दिल्ली में प्रदूषण का असर, कक्षा 5वीं तक के स्कूलों में हाइब्रिड क्लास का आदेश     |   गुजरात: नवसारी में प्लास्टिक की दुकान में लगी आग     |   होर्मुज के पास ईरान का बड़ा एक्शन! अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन मार गिराने का दावा     |  

अभिषेक बनर्जी के दफ्तर के बेसमेंट को तुरंत खाली करने का नोटिस, फायर सेफ्टी नियमों में मिली कमी

पश्चिम बंगाल फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज विभाग ने कोलकाता के 9 कैमक स्ट्रीट स्थित इमारत के बेसमेंट को तुरंत खाली करने का आदेश दिया है। इस इमारत में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी का कार्यालय भी है। फायर विभाग ने नोटिस में कहा कि बेसमेंट में जरूरी फायर सेफ्टी इंतजामों का सही तरीके से रखरखाव नहीं किया गया है और सुरक्षा उपाय पर्याप्त नहीं हैं। विभाग के मुताबिक, ऐसी स्थिति में बेसमेंट लोगों की जान और संपत्ति के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।

पश्चिम बंगाल फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज के डायरेक्टर-इन-चार्ज की ओर से जारी नोटिस महेश कुमार अग्रवाल को भेजा गया है, जो संपत्ति की मालिक रमा देवी गोयनका और एमएस पिरामो इन्वेस्टर्स लिमिटेड के अधिकृत प्रतिनिधि हैं। विभाग ने बताया कि फायर सेफ्टी नियमों के पालन को लेकर पहले भी सुनवाई का नोटिस दिया गया था, लेकिन संबंधित पक्ष सुनवाई में शामिल नहीं हुआ।

नोटिस में यह भी कहा गया कि 2B+G+7 मंजिला व्यावसायिक इमारत के लिए जारी फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट का नवीनीकरण जरूरी था, लेकिन इसकी वैधता खत्म हो चुकी है। विभाग के अनुसार, सर्टिफिकेट 10 अगस्त 2023 को जारी हुआ था और तीन साल के लिए वैध था। फायर विभाग ने स्पष्ट किया है कि जब तक बेसमेंट में जरूरी अग्नि सुरक्षा उपाय पूरे नहीं किए जाते और फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट का नवीनीकरण नहीं कराया जाता, तब तक बेसमेंट का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

विभाग ने पश्चिम बंगाल फायर सर्विसेज एक्ट, 1950 की धारा 11C का हवाला देते हुए कहा कि सभी जरूरी सुरक्षा उपाय पूरे करने और फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट हासिल करने की जिम्मेदारी संपत्ति के मालिक की है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब TMC ने आरोप लगाया था कि गुरुवार तड़के बीजेपी से जुड़े कुछ लोग अभिषेक बनर्जी के कार्यालय में घुसे और वहां तोड़फोड़ की। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया था कि कार्यालय के सुरक्षा कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई। इस मामले में राज्य पुलिस ने अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किया है।