Breaking News

केशव प्रसाद मौर्य का अखिलेश पर निशाना, बोले- BJP के साथ है अगड़ा-पिछड़ा-दलित की ‘त्रिवेणी’     |   विदेश मंत्री एस जयशंकर 23-24 अगस्त को करेंगे रूस का दौरा     |   साउथ अमेरिका के स्कोटिया सागर क्षेत्र में 6.7 तीव्रता का भूकंप     |   'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के लिए राहुल गांधी पुणे पहुंचे     |   पुणे में BRICS ICT बैठक संपन्न, डिजिटल सहयोग और नई तकनीकों पर चर्चा     |  

नेता जी अमर हैं, कोर्ट के आदेश के जरिए से मान्यता देने की जरूरत नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को राष्ट्र का पुत्र घोषित करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है. बीते शुक्रवार को एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर विचार करने से इनकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे नेता “अमर” हैं, उन्हें न्यायिक आदेश के जरिए से मान्यता देने की जरूरत नहीं है. कोर्ट ने कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में बोस की भूमिका को स्वीकार करने की घोषणा के लिए न्यायिक आदेश सही नहीं होगा, क्योंकि नेता जी जैसे महान शख्स के लिए कोर्ट द्वारा मान्यता देने की आवश्यकता नहीं है.

न्यायाधीश सूर्यकांत और केवी विश्वनाथन की पीठ ने कहा कि कहा कि नेता जी जैसे नेता को कौन नहीं जानता, देश में हर कोई उन्हें और उनके योगदान को जानता है. आपको उनकी महानता के बारे में दरबार से घोषणा की आवश्यकता नहीं है. उनके जैसे नेता अमर हैं.