दिल्ली उच्च न्यायालय ने नागा साधुओं के नाम संपत्ति करने के मामले में एक अहम टिप्पणी की है. हाईकोर्ट ने कहा कि नागा साधु सांसारिक दुनिया और मोह से दूर रहते हैं. नागा साधुओं का जीवन पूरी तरह वैरागी का होता है, इसलिए उनके नाम संपत्ति की मांग मान्याताओं के अनुसार सही नहीं है. कोर्ट ने एक अहम मामले में फैसला सुनाते हुए दायर की गई याचिका को खारिज कर दिया है.