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NEET-UG पेपर लीक मामला, तीन आरोपी 15 जून तक न्यायिक हिरासत में भेजे गए

NEET-UG पेपर लीक मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों डॉ. मनोज शिरुरे, तेजस हर्षद कुमार शाह और मनीषा संजय हवालदार को राउज एवेन्यू कोर्ट ने 15 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। सीबीआई की विशेष अदालत के न्यायाधीश अजय गुप्ता ने आरोपियों को पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। सीबीआई ने अदालत से तीनों आरोपियों की 14 दिन की न्यायिक हिरासत की मांग की थी।

सीबीआई के अनुसार, जांच में सामने आया है कि डॉ. मनोज शिरुरे ने शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर से 5 लाख रुपये लिए थे। यह रकम उनकी बहन के घर से बरामद भी की गई है। एजेंसी का दावा है कि डॉ. शिरुरे पेपर लीक की साजिश में सक्रिय रूप से शामिल थे। वहीं, तेजस शाह, जो पुणे की एक मेडिकल अकादमी में फिजिक्स के फैकल्टी सदस्य हैं, पर आरोप है कि उन्होंने फिजिक्स का प्रश्नपत्र मनीषा हवालदार को उपलब्ध कराया था। सीबीआई ने बताया कि वही प्रश्नपत्र मनीषा के मोबाइल फोन से भी बरामद हुआ है।

सीबीआई का कहना है कि मामले में अभी कई अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी बाकी है। इसके लिए डिजिटल सबूत जुटाने, अन्य आरोपियों से आमना-सामना कराने और पेपर के इस्तेमाल की पूरी जानकारी हासिल करने के लिए आगे की जांच जारी है। हालांकि, डॉ. मनोज शिरुरे के वकील ने गिरफ्तारी का विरोध करते हुए कहा कि उनके मुवक्किल पहले से जांच में सहयोग कर रहे थे और कई बार पूछताछ में शामिल हो चुके थे। उन्होंने गिरफ्तारी को गैरकानूनी बताते हुए रिहाई की मांग की। फिलहाल अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद तीनों आरोपियों को 15 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मामले की जांच सीबीआई द्वारा जारी है।