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मोहन भागवत ने बताया कैसी थीं देवी अहिल्याबाई होलकर

देवी अहिल्याबाई होलकर की आज, 31 मई को जयंती है. उनकी जयंती पर सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि पुण्यश्लोक देवी अहिल्याबाई होलकर की त्रिशताब्दी का यह वर्ष है. हमारे लिए आज की स्थिति में भी उनका चरित्र आदर्श के समान है. सरसंघचालक ने कहा कि दुर्भाग्य से उनको वैधव्य प्राप्त हुआ, लेकिन एक अकेली महिला होने के बाद भी अपने बड़े राज्य को केवल संभालना नहीं, बड़ा करना और केवल राज्य को बड़ा नहीं करना, सुराज्य के नाते उसका कार्यवहन करना, राज्यकर्ता कैसा हो वह इसका आदर्श है. उनके नाम के पीछे पुण्यश्लोक यह शब्द है. पुण्यश्लोक उस राज्यकर्ता को कहते हैं जो राज्यकर्ता अपनी प्रजा को सब प्रकार के अभावों से मुक्त करता है, दुःख से मुक्त करता है. एक तरह से प्रजा के प्रति अपने कर्तव्य से उऋण जाता है.