जम्मू-कश्मीर में बीते 16 दिन से जारी आतंकवाद विरोधी 'ऑपरेशन शेरुवाली' में आर्मी के एक युवा अफसर की दर्दनाक मौत हो गई. शनिवार शाम जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में आर्मी के युवा अफसर लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी शहीद हो गए. वे एक खड़ी पहाड़ी चोटी से फिसलकर गहरी खाई में गिर गए थे.
GOC व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने बीरेश्वर गोस्वामी की मौत पर दुख जताया है. व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी 'ऑपरेशन शेरुवाली' की टीम में शामिल थे. यह एक लगातार चलने वाला 'खोजो और खत्म करो' (सर्च-एंड-डिस्ट्रॉय) मिशन है, जो आज 16वें दिन में प्रवेश कर गया है.
GOC व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने बताया कि ऊबड़-खाबड़ इलाके, खड़ी चट्टानों और खराब मौसम वाली जगह पर ऑपरेशनल ड्यूटी करते हुए लेफ्टिनेंट गोस्वामी ने सर्वोच्च बलिदान दिया. कर्तव्य के प्रति उनकी अटूट निष्ठा, अदम्य साहस और देश के लिए निस्वार्थ सेवा सभी सैनिकों के लिए हमेशा प्रेरणा बनी रहेगी.
टॉप कमांडर सहित तीन पाकिस्तान आतंकियों के इस इलाके में छिपे होने की खुफिया जानकारी के बाद यह ऑपरेशन शुरू किया गया है. इन आतंकियों का कोड नेम 'फौजी' है. दो हफ्ते से ज्यादा समय से सेना और पैरामिलिट्री यूनिट्स ऊबड़-खाबड़ ढलानों, घनी झाड़ियों और खराब मौसम का सामना करते हुए इलाके की तलाशी ले रही हैं.
इस ऑपरेशन में सैनिकों ने इलाके की घेराबंदी कर रखी है. आतंकवादियों की तलाश में ड्रोन और ट्रैकर डॉग्स का इस्तेमाल भी किया जा रहा हैं. अधिकारियों ने बताया कि लेफ्टिनेंट एक संकरी पहाड़ी चोटी पर सर्च पार्टी का नेतृत्व कर रहे थे, तभी उनका पैर फिसल गया और वे खाई में गिर गए. उनकी टीम द्वारा तुरंत बचाव के प्रयास किए जाने के बावजूद, चोटों के कारण उनकी मौत हो गई.