उत्तर प्रदेश को कुशल कामगारों की जरूरत पूरी करने और युवाओं को देश-विदेश में रोजगार के अवसरों से जोड़ने के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार क्षेत्र विकास योजना को मंजूरी दे दी गई। इस योजना का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को ‘ग्लोबल मैनपावर हब’ और कुशल कामगारों की आपूर्ति का प्रमुख केंद्र बनाना है। योजना के तहत प्रदेश के सभी 75 जिलों को शामिल करते हुए नौ जोन में कौशल प्रशिक्षण और रोजगार का एकीकृत नेटवर्क विकसित किया जाएगा। अगले तीन वर्षों में इस परियोजना पर कुल 1,725 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
उद्योगों की मांग के अनुसार प्रशिक्षित होंगे युवा
उत्तर प्रदेश में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रदेश में लगभग 96 लाख एमएसएमई उद्यम हैं, जो देश के कुल लगभग 6.77 करोड़ उद्यमों का 14.2 प्रतिशत हैं। प्रदेश के औद्योगिक उत्पादन में इस क्षेत्र की हिस्सेदारी करीब 60 प्रतिशत और निर्यात में लगभग 45 प्रतिशत है। इस क्षेत्र में तीन करोड़ से अधिक लोग कार्यरत हैं।
योजना के माध्यम से उद्योगों की जरूरत के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। इससे कंपनियों को कुशल कर्मचारी मिल सकेंगे और युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
पहले चरण में पांच शहरों में स्थापित होंगे केंद्र
योजना के पहले चरण में पांच प्रमुख स्थानों पर कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
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लखनऊ: सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग की ओर से केंद्र स्थापित होगा।
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कानपुर: सार्वजनिक-निजी सहभागिता (पीपीपी) मॉडल पर केंद्र बनाया जाएगा।
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गोरखपुर: गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) केंद्र स्थापित करेगा।
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गौतमबुद्ध नगर: नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के संयुक्त सहयोग से केंद्र बनेगा।
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झांसी: बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) की ओर से केंद्र स्थापित किया जाएगा।
योजना के तहत प्रदेश को नौ जोन में बांटकर हब एवं स्पोक मॉडल पर प्रशिक्षण और रोजगार की व्यवस्था विकसित की जाएगी। प्रत्येक जोन में स्थानीय उद्योगों, बाजार की मांग और रोजगार की संभावनाओं के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाएगा।
योजना के नौ जोन इस प्रकार हैं:
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जोन-1: गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद और हापुड़।
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जोन-2: सहारनपुर मंडल, बुलंदशहर, बागपत और मेरठ।
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जोन-3: मुरादाबाद और बरेली मंडल।
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जोन-4: आगरा और अलीगढ़ मंडल।
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जोन-5: लखनऊ और अयोध्या मंडल।
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जोन-6: कानपुर और प्रयागराज मंडल।
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जोन-7: चित्रकूट, विंध्याचल और झांसी मंडल।
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जोन-8: वाराणसी और आजमगढ़ मंडल।
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जोन-9: गोरखपुर, बस्ती और देवीपाटन मंडल।
प्रत्येक केंद्र के लिए 10 से 25 एकड़ तक उपयुक्त और भारमुक्त भूमि की व्यवस्था की जाएगी। केंद्रों तक पहुंच आसान बनाने के लिए निकटवर्ती राजमार्ग या एक्सप्रेसवे से दो साल के भीतर चार लेन की सड़क संपर्क सुविधा उपलब्ध कराने का प्रावधान है। केंद्रों का विकास और संचालन सार्वजनिक-निजी सहभागिता आधारित डीबीएफओटी मॉडल यानी डिजाइन, निर्माण, वित्तपोषण, संचालन एवं हस्तांतरण के आधार पर या सरकारी संस्थाओं के माध्यम से किया जाएगा।
तकनीकी और विदेशी भाषा का भी मिलेगा प्रशिक्षण
योजना में अलग-अलग शैक्षणिक पृष्ठभूमि वाले युवाओं की जरूरतों को ध्यान में रखा गया है। मानविकी और वाणिज्य जैसे गैर-तकनीकी विषयों से पढ़ाई करने वाले युवाओं को आधारभूत कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं आईटीआई, पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले युवाओं के लिए तकनीकी कौशल को बेहतर बनाने की व्यवस्था होगी।
देश के दूसरे राज्यों और विदेशों में उपलब्ध रोजगार के अवसरों के अनुसार भारतीय और विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसके साथ ही प्रशिक्षणार्थियों के लिए छात्रावास, सेवायोजन कार्यालय और प्लेसमेंट सेल की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए देश और विदेश में काम करने वाली मान्यता प्राप्त एजेंसियों के साथ समन्वय किया जाएगा। निजी विकासकर्ताओं और प्रशिक्षण प्रदाताओं को जरूरत के अनुसार वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) भी दी जा सकेगी।
योजना की निगरानी के लिए राज्य, जिला और परियोजना स्तर पर व्यवस्था बनाई जाएगी। प्रशिक्षण की गुणवत्ता, वित्तीय प्रबंधन और रोजगार से जुड़ी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। इसके अलावा डिजिटल डैशबोर्ड, डेटा विश्लेषण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित तकनीक का इस्तेमाल भी किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस योजना से युवाओं के कौशल को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और उत्तर प्रदेश को देश-विदेश के लिए कुशल मानव संसाधन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।