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अमेरिकी नागरिकों को ठगने वाले फर्जी कॉल सेंटर मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, चार और आरोपी गिरफ्तार

अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाने वाले अंतरराष्ट्रीय फर्जी कॉल सेंटर घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही मनी लॉन्ड्रिंग के इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। ED ने बुधवार को इसकी जानकारी दी।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हर्षिल नयनभाई रावल, जसवंत सिंह, चेतन मुंजाल और प्रणव पिठाड़िया के रूप में हुई है। इन्हें 3 नवंबर को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत गिरफ्तार किया गया। चारों को हैदराबाद के नामपल्ली स्थित विशेष PMLA अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

261 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप

ED की जांच में सामने आया है कि इस गिरोह ने जुलाई 2025 से सितंबर 2026 के बीच 927 लेनदेन के जरिए अमेरिकी नागरिकों से करीब 27.39 मिलियन डॉलर यानी लगभग 261 करोड़ रुपये जुटाए। आरोप है कि ठगी की रकम सोना, नकदी, कूरियर पार्सल, बैंक ट्रांसफर, बिटकॉइन और गिफ्ट कार्ड के जरिए हासिल की गई।

इससे पहले ED ने इसी मामले में 27 जुलाई को विकास निमार, 5 अगस्त को ताराचंद निमार और 10 अगस्त को मोहम्मद इरफान अंसारी को गिरफ्तार किया था। तीनों फिलहाल हैदराबाद की चंचलगुडा केंद्रीय जेल में बंद हैं।

पटियाला और पुणे में मिले फर्जी कॉल सेंटर

ED ने 15 सितंबर को पटियाला, पुणे और चंडीगढ़ में चार ठिकानों पर तलाशी ली थी। इस दौरान तीन फर्जी कॉल सेंटर मिले, जिनमें दो पटियाला और एक पुणे में संचालित हो रहे थे। जांच एजेंसी के मुताबिक, तलाशी के समय इन केंद्रों में करीब 220 लोग काम कर रहे थे।

कार्रवाई के दौरान डिजिटल डिवाइस, नकदी और दस्तावेज जब्त किए गए। 79 डिवाइस की फॉरेंसिक जांच में 549 अमेरिकी नागरिकों को पीड़ित या निशाने पर रखे गए लोगों के रूप में पहचाना गया। जब्त मोबाइल फोन में ऐसे 6,463 अमेरिकी फोन नंबर भी मिले, जिन पर आरोपियों ने कॉल या मैसेज किए थे।

अमेरिकी एजेंसियों के अधिकारी बनकर डराते थे आरोपी

ED के मुताबिक, गिरोह भारत में संगठित कॉलिंग सेंटर चलाता था। यहां कर्मचारी डायलर, बैंकर और क्लोजर के रूप में काम करते थे। आरोपी अमेरिकी नागरिकों को उनके बैंक खातों में संदिग्ध लेनदेन या फर्जी खरीदारी का हवाला देकर फोन करते थे।

इसके बाद वे खुद को अमेरिकी ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन, न्याय विभाग, फेडरल ट्रेड कमीशन और वित्त विभाग का अधिकारी बताकर लोगों को डराते थे। आरोप है कि फर्जी पहचान पत्र, बैज, सरकारी पत्र और अदालत के दस्तावेज दिखाकर कानूनी कार्रवाई की धमकी दी जाती थी और उनसे पैसे वसूले जाते थे।

कई बुजुर्ग अमेरिकी नागरिकों को नकदी और सोना सौंपने, कूरियर से पैसे भेजने, बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करने या गिफ्ट कार्ड खरीदने के लिए मजबूर किया जाता था।

क्रिप्टोकरेंसी और हवाला से भेजी जाती थी रकम

जांच एजेंसी के अनुसार, ठगी से मिली रकम को क्रिप्टोकरेंसी और हवाला के जरिए भारतीय मुद्रा में बदला जाता था। इसके बाद पैसा दुबई और हांगकांग समेत दूसरे देशों के खातों में भेजा जाता था।

जब्त डिवाइस में कम से कम 15 बैंकों के 397 अमेरिकी बैंक खातों की जानकारी मिली। इनमें वेल्स फार्गो और बैंक ऑफ अमेरिका जैसे बैंक शामिल हैं। इसके अलावा 140 अमेरिकी नागरिकों के सोशल सिक्योरिटी नंबर, जन्मतिथि, पते, बैंक संबंधी जानकारी और ड्राइविंग लाइसेंस की तस्वीरें भी मिलीं। ED को अमेरिकी सरकारी एजेंसियों के नाम पर बनाए गए फर्जी दस्तावेज और कम से कम 11 नकली पहचान पत्र व बैज भी मिले हैं।

तीनों आरोपियों की भूमिका भी आई सामने

ED के अनुसार, प्रणव पिठाड़िया पर पटियाला के कॉलिंग सेंटरों का संचालन करने और वहां 242 कर्मचारियों को नियुक्त करने का आरोप है। इनमें 110 डायलर शामिल थे। वह कथित तौर पर भुगतान की मंजूरी और ठगी की रकम के लेनदेन को भी संभालता था।

हर्षिल रावल पर कॉल सेंटरों की कमाई, साझेदारों के हिस्से और दुबई भेजी जाने वाली रकम का हिसाब रखने का आरोप है। वहीं, जसवंत सिंह पर अमेरिका में नकदी जुटाने वाली टीमों और कूरियर के जरिए रकम मंगाने का काम संभालने का आरोप है।

चेतन मुंजाल पर कॉल सेंटर के संचालन को संरक्षण देने का आरोप है। ED के मुताबिक, उनकी साझेदारी वाली कंपनी रबदित्ता कॉरपोरेट्स को कथित तौर पर अपराध से अर्जित 23.19 लाख रुपये मिले।

जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह के पास अमेरिका के करीब 20 लाख लोगों की जानकारी वाली लीड लिस्ट थी। संभावित पीड़ितों से संपर्क करने के लिए जर्मनी और फिनलैंड में होस्ट किए गए ऑटो-डायलर सर्वर का इस्तेमाल किया जाता था।

ED ने कहा है कि मामले में आगे की जांच जारी है। एजेंसी ठगी से अर्जित रकम का पता लगाने और इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों व कंपनियों की भूमिका की जांच कर रही है।