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राजस्थान के कोटा में बड़ा हादसा, अंडरपास निर्माण के दौरान मिट्टी धंसने से दो रेलवे इंजीनियरों की मौत

राजस्थान के कोटा जिले में नेशनल हाईवे-52 पर दरा की नाल के पास निर्माणाधीन अंडरपास में बड़ा हादसा हो गया। अंडरपास निर्माण कार्य के दौरान मिट्टी धंसने से दो रेलवे अधिकारियों की मौत हो गई। यह हादसा गुरुवार देर रात हुआ, जिसके बाद रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया। मृतकों की पहचान वरिष्ठ सेक्शन इंजीनियर संजय कुमार झा और जूनियर इंजीनियर प्रभात सिंह के रूप में हुई है। दोनों अधिकारी रेलवे ट्रैक के नीचे बन रहे अंडरपास के कार्य का निरीक्षण कर रहे थे, तभी अचानक मिट्टी धंस गई और वे मलबे में दब गए।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (DCM) सौरभ जैन ने घटना को दुखद बताते हुए कहा कि रात करीब 8 बजे साइट निरीक्षण के दौरान यह हादसा हुआ। उन्होंने बताया कि मिट्टी अचानक धंसने से दोनों अधिकारी मलबे में फंस गए। प्रशासन ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

अधिकारियों के अनुसार हादसा बॉक्स-पुशिंग ऑपरेशन के दौरान हुआ, जब साइट के किनारों की मिट्टी अचानक धंस गई। घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए टीम गठित की गई है। सुरक्षा के मद्देनजर रेलवे ने प्रभावित रेलखंड पर ट्रेनों की गति 10 किलोमीटर प्रति घंटा तक सीमित कर दी है। साथ ही ट्रेनों को उस क्षेत्र से सावधानीपूर्वक गुजरने के निर्देश दिए गए हैं।

इधर, मृतक जूनियर इंजीनियर प्रभात सिंह के परिजनों ने इस हादसे में लापरवाही का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि प्रभात सिंह ने कुछ महीने पहले ही रेलवे जॉइन किया था और वह अभी प्रोबेशन अवधि में थे, बावजूद इसके उन्हें इतने बड़े प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी दी गई। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही परिवार के भरण-पोषण के लिए सरकार से अनुकंपा नियुक्ति देने की अपील भी की है। रेलवे प्रशासन ने दोनों अधिकारियों के शव उनके गृह जिलों तक पहुंचाने की व्यवस्था शुरू कर दी है।