मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच भारत सरकार ने हालात पर नजर रखने के लिए एक अंतर-मंत्रालयी समूह (Inter-Ministerial Group) का गठन किया है, जिसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। इस समूह में गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी समेत अन्य मंत्री शामिल हैं। इस बीच सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती करते हुए पेट्रोल पर 3 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर शून्य कर दी है। वहीं डीजल के निर्यात पर 21.5 रुपये प्रति लीटर का विंडफॉल टैक्स लगाया गया है।
साथ ही एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर भी टैक्स में बदलाव किया गया है। इस पर 50 रुपये प्रति लीटर का विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लगाया गया है, हालांकि छूट के बाद प्रभावी दर 29.5 रुपये प्रति लीटर तक सीमित रहेगी, जिससे विमानन क्षेत्र पर बोझ कम होगा। सरकार ने ईंधन कीमतों में स्थिरता बनाए रखने के लिए अन्य एक्साइज ड्यूटी में भी बदलाव किए हैं।
यह कदम अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के चलते वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच उठाया गया है। ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में लगाए गए अवरोध के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है। इस मार्ग से दुनिया के लगभग 20-25 मिलियन बैरल प्रतिदिन कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति होती है, जिसमें भारत पहले 12-15% तेल आयात करता था।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने आश्वासन दिया है कि देशभर में ईंधन की आपूर्ति सामान्य है। सभी पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने तथा घबराहट में खरीदारी न करने की अपील की गई है। वहीं पश्चिम एशिया की स्थिति पर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शांति पहल के बावजूद संघर्ष जारी है। इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) ने दावा किया है कि उसने ईरान के यज़्द में मिसाइल और समुद्री माइंस बनाने वाली प्रमुख इकाई पर हमला किया है। IDF के अनुसार, यह ठिकाना उन्नत मिसाइलों के निर्माण और भंडारण के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।