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कोई भी रत्न पहनने से पहले जान लें ये बात, वरना हो सकता है उल्टा असर!

अगर कोई व्यक्ति एक से ज्यादा रत्न धारण करना चाहता है तो इस बात का विशेष ध्यान रखें कि जो राशि आपस में शत्रु हैं, उनसे जुड़े रत्न एक साथ न पहनें. माना जाता है परस्पर शत्रु राशि वाले रत्नों को साथ पहनने से व्यक्ति को इसके बुरे परिणाम झेलने पड़ सकते हैं.

शुभ मुहूर्त का रखें खास ध्यान

ज्योतिषियों का मानना है कि किसी भी तरह का रत्न धारण करने से पहले शुभ मुहूर्त का ध्यान रखना चाहिए. मान्यता है कि हर एक रत्न को पहनने के लिए दिन निर्धारित होता है. इसके साथ ही रत्न खरीदते समय भी शुभ मुहूर्त का ध्यान रखा जाता है. रत्न खरीदते वक्त इस बात का भी ध्यान रखें कि उस पर किसी तरह का दाग न लगा हो और न ही वो कहीं ये टूटा या चटका हुआ हो.

कौन सा रत्न होता है शुभ

अगर आप रत्न खरीदने जा रहे हैं तो रत्न खरीदने के बाद उसे अंगूठी में जड़वाने से पहले जान लें कि आपके लिए वह शुभ है या नहीं. ये जानने के लिए कि रत्न आपके लिए फलदायक है कि नहीं उसे अपनी तकिए के नीचे तीन दिन के लिए रखें. अगर ऐसा करने से आपको बुरे सपने नहीं आते है, या आपके साथ कोई बुरी घटना नहीं होती तो ऐसा रत्न धारण से कोई नुकसान नहीं होगा.

रत्न के वजन का रखें ध्यान

ज्योतिष के अनुसार, रत्न खरीदते वक्त उसके वजन का खास ख्याल रखना चाहिए. रत्न खरीदते समय इस बात का ध्यान रखें कि रत्न पौन रत्ती का नहीं खरीदना चाहिए. कोशिश करें कि रत्न इसके ऊपर के वजन का ही हो.

रत्न पहनने की विधि

अगर आप रत्न पहनने जा रहे हैं तो सबसे पहले जान लें कि कोई भी रत्न धारण करने से पहले उसकी पूजा अवश्य करनी चाहिए और इसके बाद उसे अपने इष्ट के चरणों से स्पर्श करवाकर ही धारण करें. पूजा के लिए रत्न वाली अंगूठी या लॉकेट को दूध में डालकर शुद्ध करें और फिर उसको साफ जल से धुलें. इसके बाद रत्न को अच्छे साफ करके एक छोटा हवन करें. फिर हवन के ऊपर रत्न को 7 बार घुमाएं. इसके बाद ही कोई रत्न धारण करें. इससे लोगों को रत्न के अच्छे परिणाम देखने को मिल सकते हैं