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कानपुर लैंबॉर्गिनी केस में नया मोड़! वकील का दावा- 'शिवम मिश्रा नहीं, ड्राइवर चला रहा था गाड़ी

कानपुर में तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला। यहां लग्जरी लैंबॉर्गिनी कार ने तेज रफ्तार के चलते 6 लोगों को कुचल दिया। रविवार दोपहर एक तेज रफ्तार लैंबॉर्गिनी कार पहले बुलेट से टकराई, फिर एक ऑटो को चपेट में लेते हुए सीधे फुटपाथ पर चढ़ गई। इस हादसे में 6 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कार शिवम मिश्रा चला रहा था… जो मशहूर तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा का बेटा है। 

घटना के बाद सामने आए वीडियो में शिवम मिश्रा को उसके बॉडीगार्ड्स कार से निकालकर ले जाते हुए दिखाई दिए। यहीं वीडियो और चश्मदीदों के बयान अब पुलिस की जांच की सबसे बड़ी कड़ी बताए जा रहे हैं। कानपुर पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल का कहना है कि CCTV फुटेज और गवाहों के बयान के बाद शिवम मिश्रा का नाम FIR में जोड़ा गया है। शिवम मिश्रा का परिवार कह रहा है कि कार ड्राइवर चला रहा था लेकिन CCTV फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि कार शिवम ही चला रहा था। 

आरोपी से पूछताछ के लिए टीम उसके घर भी पहुंची… लेकिन घर से कोई बाहर नहीं आया हालांकि उसी वक्त शिवम घर से झांकता हुआ दिखाई दिया। शिवम के पिता केके मिश्रा का कहना है...कार खराब हो गई थी... जिससे ये घटना हो गई। मामले में बढ़ते सवालों के बीच पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है। थाने के अंदर लैंबॉर्गिनी के साथ पुलिसकर्मियों की सेल्फी वीडियो वायरल के बाद विभाग की जमकर किरकिरी भी हुई है। 

कानपुर की सड़कों पर 6 लोगों को अपनी तेज रफ्तार लैंबॉर्गिनी से रौंदने वाले शिवम मिश्रा का मामला क्या अदालती दांव-पेंच की भेंट चढ़ जाएगा? अब सबसे बड़ा सवाल यहीं है... जब CCTV, वीडियो और गवाह मौजूद हैं, तो फिर आरोपी शिवम मिश्रा अब तक गिरफ्त से बाहर क्यों है? क्या कानून सबके लिए बराबर है... या फिर रफ्तार के इस हादसे में... रुतबे ने इंसाफ की रफ्तार धीमी कर दी?