उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में 17 हजार फुट की उंचाई पर स्थित लिपुलेख दर्रे के जरिए होने वाली कैलाश मानसरोवर यात्रा इस साल जून में शुरू होगी। अधिकारियों ने गुरुवार को ये जानकारी दी। उन्होंने बताया, “इस यात्रा में देश भर के 500 से ज्यादा श्रद्धालुओं को हिस्सा लेने की अनुमति दी गई है।” पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी आशीष भटगाई ने बताया कि इस बार यात्रा में 10 जत्थे शामिल होंगे और प्रत्येक में 50 से ज्यादा श्रद्धालु रहेंगे।
ये फैसला दिल्ली में विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव की अध्यक्षता में 27 अप्रैल को हुई संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक में लिया गया।जिलाधिकारी ने बताया कि यात्रा के शुरू होने की तिथि के बारे में मंत्रालय बाद में घोषणा करेगा। उन्होंने बताया, “हमने अपने स्तर पर यात्रा की तैयारियां शुरू कर दी हैं। हालांकि, ये मंत्रालय को फैसला करना है कि यात्रा के लिए नोडल एजेंसी कौन होगी और इसे कैसे संचालित किया जाएगा।” चीन के नियंत्रण वाले तिब्बत में कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील का काफी धार्मिक महत्व है। हिंदुओं की मान्यता है कि कैलाश पर्वत भगवान शिव का निवास स्थल है और उसकी परिक्रमा करने और मानसरोवर झील में स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
Kailash Mansarovar Yatra 2026 : लिपुलेख दर्रे से जून में शुरू होगी कैलाश-मानसरोवर यात्रा
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