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हिमाचल को ‘फ्यूचर-रेडी’ बनाने की पहल, CM सुक्खू का उद्योग जगत को निवेश का न्योता

 

शिमला में आयोजित CII हिमाचल प्रदेश वार्षिक सम्मेलन में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने उद्योग जगत के नेताओं को राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित किया। "बेहतर कल के लिए भविष्य-तैयार हिमाचल प्रदेश" थीम पर आयोजित इस सम्मेलन में उन्होंने पर्यटन, फूड प्रोसेसिंग और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल की भौगोलिक और पर्यावरणीय विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए ग्रीन इंडस्ट्री को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने उद्योगपतियों को हर संभव सहयोग और सुविधाएं देने का आश्वासन दिया। साथ ही बताया कि पर्यटन क्षेत्र में आने वाले समय में 3,000 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना है।

सुक्खू ने कहा कि राज्य के जिला मुख्यालयों और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर हेलीपोर्ट बनाए जा रहे हैं और हेली-टैक्सी सेवाएं पहले ही शुरू हो चुकी हैं, जिन्हें और विस्तार दिया जाएगा। इसके अलावा कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार का काम भी जारी है। उन्होंने उद्योगपतियों को भरोसा दिलाया कि किसी भी तरह का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उनकी समस्याओं का समाधान सीधे उनके संज्ञान में लाया जा सकता है। ऊना जिले के हरौली में बल्क ड्रग पार्क विकसित किया जा रहा है, जहां निवेशकों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। साथ ही सिंगल-विंडो सिस्टम को मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि सभी मंजूरियां एक ही स्थान पर मिल सकें।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की अधिकतर इंडस्ट्री पड़ोसी राज्यों की सीमाओं के पास स्थित हैं, इसलिए वहां बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। बद्दी में शिमला की तर्ज पर अंडरग्राउंड यूटिलिटी डक्ट बनाए जाएंगे और औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली की समस्या को दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बद्दी तक रेलवे कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए राज्य सरकार 50 प्रतिशत लागत और भूमि अधिग्रहण का खर्च वहन कर रही है, जिससे उद्योगों को लाभ मिलेगा।

सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश को "उत्तर भारत के फेफड़े" और "पानी का कटोरा" बताते हुए कहा कि राज्य को उसका उचित हिस्सा नहीं मिल पाया है। उन्होंने बताया कि संविधान के अनुच्छेद 275(1) के तहत मिलने वाली राजस्व घाटा अनुदान (RDG) बंद कर दी गई है, जिसे बहाल कराने के लिए राज्य सरकार प्रयास कर रही है।

उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू राज्य में संसाधन जुटाने पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक आपदाओं और 2024 के राजनीतिक संकट के बावजूद सरकार ने मजबूती से हालात का सामना किया है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1,500 करोड़ रुपये की सहायता अब तक राज्य को नहीं मिली है।

चौहान ने कहा कि हिमाचल प्रदेश उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करता है, जहां बिजली की कमी नहीं है और कानून-व्यवस्था भी मजबूत है। उन्होंने ‘लोकल खरीदो’ का संदेश देते हुए कहा कि स्थानीय उत्पादों को अपनाने से न केवल व्यवसाय मजबूत होंगे, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भरता भी बढ़ेगी। इस अवसर पर उद्योग विभाग के निदेशक डॉ. यूनुस, CII नॉर्दर्न रीजन की चेयरपर्सन अंजलि सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।