सी विजिल-24 नामक द्विवार्षिक तटीय रक्षा अभ्यास का चौथा संस्करण बुधवार और गुरुवार को केरल और लक्षद्वीप तटों पर आयोजित किया जाएगा, ताकि एरिया में 'तटीय रक्षा और अपतटीय सुरक्षा सहित समुद्री सुरक्षा' का जायजा लिया जा सके।
नौसेना के अधिकारियों ने कहा कि केरल और लक्षद्वीप में अभ्यास के चौथे संस्करण की देखरेख दक्षिणी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ और तटीय रक्षा (दक्षिण) के कमांडर-इन-चीफ वाइस एडमिरल वी. श्रीनिवास करेंगे।
उन्होंने कहा कि ये अभ्यास भारतीय नौसेना की ओर से तटरक्षक बल, केरल पुलिस, मत्स्य विभाग की समुद्री प्रवर्तन विंग, जहाजरानी विभाग, बंदरगाह और जलमार्ग, सीआईएसएफ, बीएसएफ, डीजीएलएल (लाइटहाउस और लाइटशिप महानिदेशालय), सीमा शुल्क, खुफिया ब्यूरो, एनसीसी समेत 16 केंद्रीय और राज्य एजेंसियों की भागीदारी और समर्थन से किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि विशेष बात ये है कि एनसीसी पहली बार इस अभ्यास में हिस्सा ले रही है। अधिकारियों ने बताया कि 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के बाद 2009 में शुरू हुए इस द्विवार्षिक अभ्यास का मकसद तटीय समुदायों के बीच समुद्री सुरक्षा के बारे में जागरूकता बढ़ाना है।