दिल्ली में यमुना नदी को साफ करने के लिए रविवार को ‘चलो यमुना’ अभियान चलाया गया। इस दौरान करीब 35 हजार लोगों ने यमुना के दोनों किनारों पर 70 स्थानों पर सफाई की। अभियान में स्थानीय नागरिकों, छात्रों, एनजीओ के स्वयंसेवकों और सरकारी विभागों ने हिस्सा लिया।
अभियान के दौरान यमुना किनारे से करीब 76,755 किलोग्राम ठोस कचरा हटाया गया। सफाई अभियान वजीराबाद के सूर घाट और सिग्नेचर ब्रिज से लेकर यमुना बाजार, आईटीओ, निजामुद्दीन, सराय काले खां और चिल्ला तक चलाया गया।
35 हजार लोगों ने लिया हिस्सा
अभियान में करीब 20 हजार नागरिकों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के सदस्यों ने भाग लिया। इनके अलावा 10,500 पार्टी कार्यकर्ता, 2,500 छात्र और 2,000 एनजीओ स्वयंसेवक भी सफाई में शामिल हुए। दिल्ली विश्वविद्यालय के 25 से अधिक कॉलेजों के छात्रों ने भी अभियान में हिस्सा लिया। देशबंधु कॉलेज से ही 400 से अधिक प्रतिभागी सफाई अभियान में शामिल हुए।
10 से अधिक विभागों ने संभाली जिम्मेदारी
सफाई अभियान में सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग, लोक निर्माण विभाग (PWD), दिल्ली नगर निगम (MCD), दिल्ली जल बोर्ड, DUSIB, दिल्ली पुलिस और दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) समेत 10 से अधिक विभागों ने सहयोग किया।
कचरा हटाने के लिए 26 जेसीबी, 19 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां, 24 नावें, सात वीड हार्वेस्टर और कचरा निकालने वाली मशीनों का इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा PWD की 269 मेंटेनेंस वैन भी तैनात की गईं। मंत्री ने अभियान में जुटे 227 सफाई कर्मचारियों और मशीन ऑपरेटरों का भी आभार जताया।
8,941 करोड़ रुपये की 43 जल बोर्ड परियोजनाओं की तैयारी
जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 22 अक्टूबर को दिल्ली जल बोर्ड की 8,941.22 करोड़ रुपये की 43 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इनमें 2,827.11 करोड़ रुपये की 10 परियोजनाओं का उद्घाटन और 6,114.11 करोड़ रुपये की 33 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है।
प्रमुख परियोजनाओं में ओखला में 1,161 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला 124 एमजीडी क्षमता का नया सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) शामिल है। इसके अलावा आठ मौजूदा STP का उन्नयन किया जाएगा, जिससे उनकी संयुक्त क्षमता 78.2 एमजीडी से बढ़कर 140.8 एमजीडी हो जाएगी।
बाहरी दिल्ली में 29 विकेंद्रीकृत STP और सीवेज पंपिंग स्टेशन भी परियोजना का हिस्सा हैं। इसके साथ ही 1,034 किलोमीटर लंबा सीवर नेटवर्क, चंद्रावल में 477 एमएलडी क्षमता का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और मुंडका में 4.5 किलोमीटर लंबा ट्रंक ड्रेन विकसित करने की योजना है। इन परियोजनाओं से लाखों लोगों को जलापूर्ति और सीवेज व्यवस्था में बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
यमुना में गंदा पानी जाने से रोकना जरूरी
प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि यमुना के घाटों की सफाई नदी को स्वच्छ बनाने की दिशा में केवल एक कदम है। नदी को लंबे समय तक साफ रखने के लिए बिना उपचार किए सीवेज को यमुना में गिरने से रोकना जरूरी है।
उन्होंने ‘बर्थडे विद यमुना’ पहल की भी घोषणा की। इसके तहत नदी किनारे झोपड़ियां बनाई जाएंगी, जहां लोग अपना जन्मदिन मना सकेंगे। मंत्री ने बताया कि वह खुद 7 नवंबर को यमुना के साथ अपना जन्मदिन मनाने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि यमुना की सफाई का अभियान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे आगे भी जारी रखा जाएगा।