इसरो के 100वें मिशन के तौर पर नेविगेशन उपग्रह एनवीएस-02 को ले जाने वाला जीएसएलवी रॉकेट आज स्पेसपोर्ट से रवाना हुआ। इसरो के अध्यक्ष वी. नारायणन के लिए ये पहला अंतरिक्ष मिशन है। जिन्होंने हाल ही में पदभार संभाला है। इसके साथ ही ये इसरो का इस साल का पहला मिशन है।
नारायणन ने कहा, "मुझे ये घोषणा करते हुए बेहद खुशी हो रही है कि 2025 में इसरो का पहला उद्यम सफल रहा। उपग्रह को जीटीओ कक्षा में सटीक रूप से स्थापित किया गया था। ये मिशन 100वां प्रक्षेपण है जो एक बहुत ही महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।"
जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (जीएसएलवी-एफ15) ने जीएसएलवी-एफ12 मिशन को फॉलो किया, जो 29 मई 2023 को दूसरी पीढ़ी के पहले विगेशन उपग्रह एनवीएस-01 को सफलतापूर्वक ले गया था।
इसरो ने कहा कि इस उपग्रह से स्थलीय, हवाई और समुद्री नेविगेशन, सटीक कृषि, बेड़े प्रबंधन, मोबाइल उपकरणों में लोकेशन सर्विस, इंटरनेट-ऑफ-थिंग्स (आईओटी) आधारित अनुप्रयोग, आपातकालीन और समय सेवाएं मिलेंगी।
इसरो ने 100वें मिशन के तहत एनवीएस-02 नेविगेशन सैटेलाइट लॉन्च की
You may also like
अब दूर-दराज के इलाकों तक डिलीवरी पहुंचाएगा फ्लिपकार्ट, डाक विभाग से किया अहम समझौता.
Sant Sansad 2026: जब संतों को सम्मान मिलने लगेगा तब पाखंडवाद का अंत होगा — गोविंदाचार्य गुप्तेश्वर जी महाराज.
Sant Sansad 2026: हमें व्यक्तिनिष्ठ ना होकर राष्ट्रनिष्ठ होना पड़ेगा — अनुराग कृष्ण शास्त्री.
Sant Sansad 2026: हमें देशद्रोहियों की जड़ों पर वार करना होगा — संत त्रिलोचन दर्शनदास जी महाराज.