केरल में भारी बारिश जारी रहने की संभावना है क्योंकि भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने शनिवार को अगले कुछ दिनों के लिए राज्य के कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। आईएमडी ने कन्नूर और कासरगोड जिलों में रेड अलर्ट और राज्य के बचे 12 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा इसने रविवार के लिए पांच जिलों में रेड अलर्ट और नौ जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
सोमवार के लिए इसने केरल के 11 जिलों में रेड अलर्ट और शेष तीन में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इससे पहले आईएमडी ने राज्य में मानसून के आगमन की पुष्टि की, जो 2009 के बाद सबसे जल्दी आगमन है। आईएमडी के अनुसार मानसून सामान्य से आठ दिन पहले आया और पिछली बार ऐसा 23 मई, 2009 को हुआ था।
इससे पहले 1975 के बाद 19 मई 1990 को मानसून समय से पहले आया था। केरल में शनिवार को तेज हवाओं और रात भर हुई भारी बारिश के कारण पेड़ उखड़ गए, बिजली के खंभे उखड़ गए, फसलें क्षतिग्रस्त हो गईं और सड़कें जलमग्न हो गईं। उखड़े हुए पेड़ों और टूटी शाखाओं ने राज्य के अलग-अलग हिस्सों में घरों को भी नुकसान पहुंचाया।
सुबह राज्य के राजस्व मंत्री के राजन ने कहा कि इससे राज्य में मानसून के जल्दी आने के संकेत मिलते हैं। उन्होंने ये भी कहा कि कोझिकोड, इडुक्की और पथानामथिट्टा के उत्तरी जिलों में बारिश अधिक होगी। मंत्री ने एक टीवी चैनल से बात करते हुए आगे कहा कि शुक्रवार-शनिवार की दरम्यानी रात राज्य के कई हिस्सों में चली तेज हवाएं मानसूनी हवाओं की उम्मीद है।
आईएमडी ने शुक्रवार को कहा था कि राज्य में दो दिन में मानसून आ जाएगा। मंत्री ने ये भी कहा कि कुछ स्थानों पर बिना किसी चेतावनी के थोड़े समय में भारी मात्रा में बारिश हो सकती है, जिससे अचानक बाढ़ और भूस्खलन हो सकता है। उन्होंने कहा कि अधिकारी ऐसी सभी स्थितियों और मानसून से निपटने के लिए तैयार हैं।
राजन ने कहा कि मानसून की तैयारियों के संबंध में सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं और वो प्रत्येक जिले में स्थिति का आकलन करने के लिए दिन में उनके साथ एक ऑनलाइन बैठक करेंगे। उन्होंने आम जनता को भारी बारिश के मद्देनजर सावधानी बरतने और केवल सुरक्षित स्थानों पर ही यात्रा करने की सलाह दी।
मंत्री ने सोशल मीडिया पर बारिश के बारे में असत्यापित और अनौपचारिक जानकारी न फैलाने की भी सलाह दी। रेड अलर्ट 24 घंटे में 20 सेंटीमीटर से अधिक भारी से अत्यधिक भारी बारिश को दर्शाता है, जबकि ऑरेंज अलर्ट का मतलब 11 सेंटीमीटर से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश और येलो अलर्ट का मतलब 6 सेंटीमीटर से 11 सेंटीमीटर के बीच भारी बारिश है।