असम में सदियों पुराने पटाखा उद्योग ने राज्य की इकोनॉमी में अहम भूमिका निभाई है। पटाखा बनाने का ज्यादातर काम बारपेटा में होता है, जहां कई परिवार अपनी आजीविका के लिए इस पर निर्भर हैं। खास बात ये है कि यहां बनाए गए ज्यादातर पटाखे हैंडमेड होते हैं।
हालांकि, कच्चे माल की कमी और बढ़ी हुई उत्पादन लागत की वजह से ये इंडस्ट्री खतरे में है। बारपेटा में पटाखा उत्पादकों ने सरकार से उद्योग को बचाने के लिए फाइनेंशियल मदद देने का आग्रह किया है। लोगों का कहना है कि राज्य की विरासत का हिस्सा होने के बावजूद सरकार की मदद के अभाव में ये उद्योग आगे नहीं बढ़ पाया है।