आज 15 नवंबर के दिन गुरु नानक देव की जयंती मनाई जा रही है। गुरु नानक देव की जयंती को प्रकाश पर्व के रूप में भी मनाया जाता है। गुरु नानक देव सीख समुदाय के प्रथम गुरु थे। अपने पूरे जीवनकाल में एकता, प्रेम और सेवा का संदेश दिया। इगुरु नानक देव समाज में जो कुरीतियां थी उन्हें दूर करने का प्रयास करते थे। गुरु नानक देव द्वारा दिए गए संदेश आज भी बहुत प्रासंगिक हैं।
गुरु नानक कहते थे कि हर व्यक्ति को हमेशा अच्छे और विनम्र सेवा भाव से अपना जीवन गुजारना चाहिए। अहंकार से बचना चाहिए। क्योंकि, अहंकार मनुष्य का सबसे बड़ा दुश्मन है। गुरु नानक सभी को एक समान समझते थे। वह महिला और पुरुष में कोई फर्क नहीं करते थे। उनका कहना था कि महिलाओं का अनादर कभी भी नहीं करना चाहिए।
गुरु नानक देव कहते थे कि व्यक्ति को खुद पर कभी भी तनाव को हावी नहीं करना चाहिए। हमेशा तनाव मुक्त होकर काम करना चाहिए। हमेशा प्रसन्न रहना चाहिए। गुरु नानक देव कहते थे कि व्यक्ति को कभी भी धन को अपने हृदय से लगाकर नहीं रखना चाहिए। यानी धन को ज्यादा तवज्जो नहीं देनी चाहिए। तभी आपके अंदर लालच और अहंकार का भावना जन्म नहीं लेगी।