मणिपुर के उखरुल शहर में ‘स्वच्छता अभियान’ के तहत जमीन की सफाई को लेकर बुधवार को दो गुटों के बीच गोलीबारी के बाद निषेधाज्ञा लगा दी गई। अधिकारियों ने बताया कि दोनों पक्ष नागा समुदाय के है लेकिन अलग-अलग गांव से ताल्लुक रखते हैं और जमीन पर अपना हक जताते हैं।
पुलिस ने बताया कि फायरिंग में कुछ लोग घायल भी हो गए। हालात को काबू में लाने के लिए असम राइफल्स को वहां पर तैनात किया गया है। निषेधाज्ञा लगाने के आदेश में, उखरुल के सब डिविजनल मजिस्ट्रेट डी. कामई ने सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस से मिले लेटर का हवाला दिया।
इसमें थावईजाव हंगपुंग यंग स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (टीएचवाईएसओ) आयोजित ‘‘सामाजिक कार्य’’ और उस पर हुनफुन गांव प्राधिकरण के हुनफुन इलाके में अनहोनी की आशंका जताई गई है। आदेश में कहा गया है, ‘‘हुनफुन और हंगपुंग गांवों के बीच जमीनी विवाद के सिलिसले में कानून और व्यवस्था की समस्या पैदा होने की आशंका है, जिससे दो गांवों के बीच शांति भंग हो सकती है।’’
इसमें कहा गया है, ‘‘अब, इसलिए... भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 की उप-धारा-एक के तहत पावर का इस्तेमाल करते हुए, किसी भी आदमी की उनसे जुड़े घरों के बाहर आवाजाही और किसी भी ऐसे काम या गतिविधि पर दो अक्टूबर को सुबह साढ़े नौ बजे से अगले आदेश तक रोक लगाने का आदेश जारी किया जाता है जो कानून और व्यवस्था बिगाड़ सकती है।’’