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गुजरात CM ने आदिवासी क्षेत्रों के लिए 51 टू-व्हीलर मोबाइल हेल्थ यूनिट्स को दिखाई हरी झंडी

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य के आदिवासी और दूरदराज क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों तक तेजी से पहुंचाने के लिए 51 टू-व्हीलर मोबाइल हेल्थ यूनिट्स और 9 नई मोबाइल हेल्थ वैन यूनिट्स की शुरुआत की। मुख्यमंत्री ने गांधीनगर में आयोजित कार्यक्रम में इन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर 14 जिलों के लिए रवाना किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी और स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रफुल पानसेरिया भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य आदिवासी और दुर्गम इलाकों में रहने वाले लोगों को उनके घर के पास ही प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। खास बात यह है कि टू-व्हीलर मोबाइल हेल्थ यूनिट्स उन क्षेत्रों तक भी पहुंच सकेंगी, जहां चार पहिया वाहन नहीं पहुंच पाते।

इन यूनिट्स में आवश्यक दवाइयों और चिकित्सा उपकरणों से लैस मेडिकल बॉक्स होंगे। इनमें डिजिटल ब्लड प्रेशर मशीन, स्टेथोस्कोप, ग्लूकोमीटर, थर्मामीटर, हीमोग्लोबिन मीटर समेत कई जरूरी उपकरण उपलब्ध रहेंगे। साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा डेटा डिजिटल रूप से दर्ज किया जाएगा और इसकी निगरानी सीएम डैशबोर्ड के जरिए की जाएगी।

इन मोबाइल हेल्थ यूनिट्स के माध्यम से गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच की जाएगी। इससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने और उनके स्वास्थ्य में सुधार लाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा गांव स्तर पर ही ब्लड प्रेशर, हीमोग्लोबिन, ब्लड शुगर, मलेरिया और मूत्र संबंधी जांच की सुविधा मिलेगी। गंभीर बीमारियों की पहचान होने पर मरीजों को समय पर नजदीकी सरकारी अस्पतालों में रेफर किया जाएगा।

इस पहल के तहत एनीमिया, पोषण, किशोर स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, HIV/AIDS, तंबाकू से होने वाली बीमारियों और अन्य संक्रामक एवं गैर-संचारी रोगों के बारे में भी लोगों को जागरूक किया जाएगा। साथ ही सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी। राज्य सरकार का कहना है कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "सबके लिए स्वास्थ्य" और "लास्ट माइल सर्विस डिलीवरी" के विजन को मजबूत करेगी। इससे ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को समय पर और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।