Breaking News

BRICS Summit के लिए दिल्ली पहुंचे पुतिन, पालम एअरपोर्ट पर उतरा राष्ट्रपति का विमान     |   पूर्व वेनेजुएला फर्स्ट लेडी ने मांगी जेल से रिहाई, दिल की बीमारी का दिया हवाला     |   तिब्बत में 3.7 तीव्रता का भूकंप, तड़के सुबह महसूस हुए झटके     |   दिल्ली में IGL का अभियान, CNG सिलेंडरों के हाइड्रो टेस्ट सर्टिफिकेट की होगी जांच     |   BRICS समिट से पहले दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, चप्पे-चप्पे पर कड़ी निगरानी     |  

गुजरात एटीएस ने लक्षित हमलों की साजिश की नाकाम, संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार

Gujarat: गुजरात के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने उत्तर प्रदेश में कुछ लोगों की हत्या की आतंकी साजिश को नाकाम करते हुए एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है जो प्रतिबंधित आतंकी संगठन-- जैश ए मोहम्मद की कट्टरपंथी विचाराधारा से कथित रूप से प्रेरित होकर ‘अकेले’ काम करता था। अधिकारियों ने मंगलवार को ये जानकारी दी।

अधिकारियों के अनुसार, आरोपी फैजान शेख पैगंबर मोहम्मद के 'अपमान' का बदला लेने के लिए उत्तर प्रदेश भर में लक्षित हत्याओं की साजिश के अंतिम चरण में था। एटीएस ने उसके पास से एक पिस्तौल और छह कारतूस बरामद किए, जिनका इस्तेमाल वो कथित तौर पर ‘हाई प्रोफाइल’ हत्याओं के लिए करना चाहता था। उन्होंने बताया कि पेशे से दर्जी फैजान शेख (22) गुजरात के नवसारी में रह रहा था, लेकिन वो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले का है।

एटीएस के उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) सुनील जोशी ने पत्रकारों को बताया, ‘‘वो अकेले ही काम करता था। जब भी उसे कोई पैगंबर के खिलाफ टिप्पणी करता हुआ मिलता, तो वो अपने समूह के लोगों के साथ मिलकर उस व्यक्ति की हत्या की साजिश रचता था।’’

जोशी ने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि शेख और वांछित आरोपी मोहम्मद अबू बकर ने एक विशिष्ट समुदाय में आतंक फैलाने की योजना बनाई थी। उन्होंने बताया कि इस साजिश में जम्मू कश्मीर और लद्दाख को भारत संघ से अलग करने के लिए लोगों को सशस्त्र विद्रोह और जिहाद के लिए उकसाना था।

डीआईजी ने कहा, ‘‘जैश-ए-मोहम्मद और अल कायदा जैसे आतंकी संगठनों की विचारधाराओं से प्रभावित होकर, शेख ने आतंक और भय फैलाने के मकसद से कुछ लोगों की हत्या करने के लिए अवैध रूप से एक पिस्तौल और गोला-बारूद जुटाया था।’’

उन्होंने कहा कि अरबी/उर्दू पाठ और तस्वीरों वाले ‘संदिग्ध साहित्य’ से युक्त 29 पेजों की जब्ती से जिहाद को उकसाने वाली और युवाओं को अल कायदा जैसे प्रतिबंधित संगठनों के लिए काम करने के लिए आकर्षित करने वाली अत्यंत आपत्तिजनक सामग्री का पता चला है।

एटीएस के मुताबिक प्रथम दृष्टया, फैजान शेख और अबू बकर ने भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने और हिंसा भड़काने की साजिश रची थी। डीआईजी ने बताया, ‘‘आरोपी (शेख) ने जांचकर्ताओं को बताया कि वो पिछले 6-7 महीनों से व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम के जरिए अबू बकर के संपर्क में था। लगभग तीन महीने पहले वो अपनी इंस्टाग्राम आईडी 'अलफैजानगाजा' के जरिए एक ग्रुप से जुड़ा था।’’

एटीएस के मुताबिक इस ग्रुप में पैगंबर का कथित तौर पर अपमान करने वाले व्यक्तियों की तस्वीरें और नाम प्रसारित किये जाते थे तथा उन्हें जान से मारने के लिए उकसाया जाता था।

जोशी ने कहा, ‘‘फैजान शेख इसे दूसरों को भेजता था। फैजान और अबू बकर दोनों इंस्टाग्राम पर मौलाना मसूद अजहर और प्रतिबंधित संगठन जैश-ए-मोहम्मद को फॉलो करते थे। उन्होंने सोशल मीडिया मंच पर मुफ्ती अब्दुल रऊफ असगर के जिहादी वीडियो देखे और अपलोड किए।’’