संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू होने जा रहा है। इससे पहले रविवार को नई दिल्ली में सरकार ने सभी दलों के फ्लोर लीडर्स की बैठक बुलाई। बैठक का उद्देश्य सत्र को सुचारु रूप से चलाना और सभी दलों से सहयोग लेना था। बैठक से पहले केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि सरकार विपक्ष की बात सुनने के लिए तैयार है और उम्मीद करती है कि विपक्ष भी सरकार की बात सुनेगा।
रिजिजू ने कहा, “संसद सभी की है। सरकार जिन विधेयकों को लाना चाहती है, उन पर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों को रचनात्मक चर्चा करनी चाहिए। संसद जितनी बेहतर चलेगी, देश को उतना फायदा होगा।” उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे सदन की कार्यवाही को शांतिपूर्ण और उत्पादक बनाने में सहयोग करें। बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू और कानून राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल समेत कई वरिष्ठ मंत्री शामिल हुए।
हालांकि, विपक्ष का रुख कुछ सख्त नजर आया। राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास ने लोकसभा अध्यक्ष के कार्यालय की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि अध्यक्ष अब स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर रहे हैं और वे सत्तारूढ़ दल के प्रभाव में हैं। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद जयराम रमेश भी बैठक में शामिल होने संसद एनेक्सी पहुंचे। अब सभी की नजर सोमवार से शुरू होने वाले मानसून सत्र पर है, जहां कई अहम मुद्दों और विधेयकों पर चर्चा होने की संभावना है।