करीब एक महीने तक तकनीकी खराबी के कारण बंद रहने के बाद जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध गुलमर्ग गोंडोला की सेवाएं फिर से शुरू कर दी गई हैं। सेवाओं की बहाली से पहले मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने स्वयं गोंडोला स्थल का दौरा किया, सिस्टम की कार्यप्रणाली की समीक्षा की और सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार ने जल्दबाजी दिखाने के बजाय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्होंने बताया कि तकनीकी खराबी को लेकर अंतरिम रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है और मरम्मत कार्य का विस्तृत निरीक्षण किया गया है।
उमर अब्दुल्ला ने कहा, "अंतरिम रिपोर्ट आ चुकी है। मरम्मत कार्य का निरीक्षण किया गया और रखरखाव प्रक्रियाओं को प्रमाणित किया गया। जब विशेषज्ञ पूरी तरह संतुष्ट हुए, तभी हमने गोंडोला सेवाएं फिर से शुरू करने का निर्णय लिया। केबल कार कॉरपोरेशन ने चौथे या पांचवें दिन ही गियरबॉक्स बदल दिया था। यदि हम जल्दबाजी करना चाहते, तो उसी समय सेवाएं बहाल कर सकते थे, लेकिन हमने सोच-समझकर ऐसा नहीं किया।"
25 मई को गुलमर्ग गोंडोला में तकनीकी खराबी आने के कारण 300 से अधिक पर्यटक कई घंटों तक हवा में फंसे रह गए थे। घटना के बाद जम्मू-कश्मीर सरकार ने मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित की थी। जम्मू-कश्मीर पुलिस के अनुसार, बचाव अभियान के दौरान कुल 286 लोगों को सुरक्षित निकाला गया था। इनमें 148 लोगों को सिस्टम के एक हिस्से से और 138 लोगों को दूसरे हिस्से से चरणबद्ध तरीके से बचाया गया।
अधिकारियों ने बताया कि गोंडोला प्रणाली की कुल 65 केबिनों में से 62 प्रभावित हुई थीं, जबकि तीन केबिन उस समय परिचालन में नहीं थीं। प्रभावित केबिनों में से 52 में यात्री मौजूद थे, जबकि 10 खाली थीं। सरकार का कहना है कि सभी सुरक्षा मानकों की पुष्टि और तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही गोंडोला सेवाओं को दोबारा शुरू किया गया है, ताकि पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।