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दिल्ली में दूध-दही चोरी करने वाला गिरोह पकड़ा, दो आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस के बाहरी जिले की एंटी-नारकोटिक्स स्क्वॉड ने उत्तम नगर इलाके में दूध और दही की चोरी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है।पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो दूध सप्लाई करने वाले वाहनों का पीछा कर दुकानों और घरों के बाहर रखी क्रेट्स चुरा लेते थे। इस मामले की जांच तब शुरू हुई जब चोरी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की।

3 अप्रैल को पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी मोहित (उर्फ पाथा) और आयुष मान पांडे (उर्फ पंडित) विकास नगर के शिव विहार में अपने एक साथी से मिलने वाले हैं। इसके बाद पुलिस ने जाल बिछाकर दोनों को उस समय पकड़ लिया जब वे एक थ्री-व्हीलर में पहुंचे। वाहन की तलाशी लेने पर पुलिस को 14 खाली दूध की क्रेट्स मिलीं। आरोपियों के पास थ्री-व्हीलर के कोई वैध दस्तावेज नहीं थे और जांच में पता चला कि यह वाहन प्रेम नगर इलाके से चोरी किया गया था।

पुलिस के अनुसार, गिरोह का तरीका था कि वे दूध सप्लाई करने वाले वाहनों का पीछा करते थे और जैसे ही क्रेट्स उतारी जाती थीं, उन्हें चोरी कर लेते थे। इसके बाद ये सामान डाबड़ी और बिंदापुर के दूध सप्लाई केंद्रों पर बेच दिया जाता था। गिरफ्तार आरोपी मोहित रन्होला का रहने वाला है और उसके खिलाफ चोरी और झपटमारी के 38 से अधिक मामले दर्ज हैं। वह फरवरी 2026 में ही जेल से बाहर आया था। दूसरा आरोपी आयुष मान पांडे भी रन्होला इलाके का निवासी है।

इस मामले में आगे की जांच जारी है। इससे पहले, दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सरकारी अस्पतालों की मुफ्त दवाओं की अवैध बिक्री से जुड़े एक बड़े रैकेट का भी पर्दाफाश किया था। इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें एक स्थानीय अस्पताल का कर्मचारी भी शामिल है।जांच में सामने आया कि यह गिरोह सरकारी योजनाओं के तहत मुफ्त मिलने वाली जीवन रक्षक दवाओं को हेरफेर कर बाजार में बेच रहा था। कार्रवाई के दौरान करीब 70 लाख रुपये की दवाएं बरामद की गईं। जब्त की गई दवाओं में मेरोपेनम, सेफ्ट्रिएक्सोन और रेबीज एंटीसीरम जैसी महंगी और जरूरी दवाएं शामिल हैं, जो गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए उपयोग की जाती हैं और सरकारी अस्पतालों में मुफ्त वितरण के लिए निर्धारित होती हैं।