लखनऊ में भारत टैक्सी की शुरुआत के साथ ही अब इसके मॉडल को ग्रामीण इलाकों तक ले जाने की तैयारी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह से ग्रामीण बस सेवा को भारत टैक्सी की तर्ज पर आगे बढ़ाने को कहा है। इस मॉडल में जीरो कमीशन, सामाजिक सुरक्षा और सहकारिता के जरिए युवाओं को परिवहन सेवा से जोड़ने पर जोर है।
केंद्रीय सहकारिता एवं नागर विमानन राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को उत्तर प्रदेश में भारत टैक्सी को हरी झंडी दिखाई। लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में इसकी शुरुआत की गई है। टैक्सी के साथ टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर चालक भी रजिस्ट्रेशन कराकर इससे जुड़ सकेंगे।
जीरो कमीशन के साथ 5 लाख की सामाजिक सुरक्षा
भारत टैक्सी से जुड़ने वाले चालकों को हर राइड की कमाई पर प्लेटफॉर्म को कमीशन नहीं देना होगा। इसके साथ उन्हें 5 लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा भी मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान पांच सारथियों को भारत टैक्सी के शेयर प्रमाणपत्र भी दिए गए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि टैक्सी, टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर चालकों की सामाजिक सुरक्षा पर पहले पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता था। उनके मुताबिक, सामाजिक सुरक्षा मिलने से चालक अधिक निश्चिंत होकर अपना काम कर सकेंगे।
ग्रामीण बस सेवा में भी लागू होगा मॉडल
भारत टैक्सी के शहरी मॉडल को अब ग्रामीण परिवहन से जोड़ने की तैयारी है। मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग से ग्रामीण बस सेवा को भी इसी तर्ज पर आगे बढ़ाने को कहा है।
इससे गांवों में आवागमन के साधन बढ़ाने के साथ स्थानीय युवाओं को परिवहन क्षेत्र में रोजगार से जोड़ने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत टैक्सी का बेहतर उपयोग होने पर यह लाखों युवाओं के लिए रोजगार का माध्यम बन सकती है।
महाकुंभ में बाइक टैक्सी का दिया उदाहरण
ग्रामीण परिवहन और रोजगार की चर्चा के दौरान प्रयागराज महाकुंभ 2025 का भी उदाहरण दिया गया। महाकुंभ के दौरान बड़ी संख्या में युवाओं ने बाइक टैक्सी के जरिए श्रद्धालुओं को संगम, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट तक पहुंचाने में मदद की थी।
मुख्यमंत्री के अनुसार, इससे लोगों को आवागमन की सुविधा मिली और यातायात भी बाधित नहीं हुआ। इसी अनुभव के आधार पर भारत टैक्सी के मॉडल को दूसरे क्षेत्रों तक विस्तार देने पर जोर दिया जा रहा है।
एयरपोर्ट, मेट्रो और पुलिस से हुए एमओयू
भारत टैक्सी ने लखनऊ में एयरपोर्ट, मेट्रो और पुलिस समेत विभिन्न संस्थाओं के साथ एमओयू किए हैं। लखनऊ के अलावा गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में भी सेवा शुरू हो गई है।
फिलहाल भारत टैक्सी की शुरुआत चार शहरों से हुई है। इसके साथ ही ग्रामीण बस सेवा को इसी मॉडल से जोड़ने की तैयारी की जा रही है, जिससे परिवहन सुविधा के साथ युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में काम किया जा सके।