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बिहार में बाढ़ का कहर, गंगा के बढ़ते जलस्तर से हजारों लोग प्रभावित

बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिसके चलते नदी किनारे बसे कई गांवों में पानी घुस गया है। कई इलाकों में घर और सड़कें जलमग्न हो गई हैं, जिससे लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मुंगेर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। बाढ़ के कारण जिले के छह प्रखंडों की 28 पंचायतों में करीब 35 हजार लोग प्रभावित हुए हैं। कई इलाकों में बाढ़ का पानी घरों के अंदर तक पहुंच गया है, जबकि कई जगहों पर सड़क संपर्क भी पूरी तरह टूट गया है।

बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए प्रशासन की ओर से नावों का इस्तेमाल किया जा रहा है। राहत सामग्री और जरूरी सामान भी नावों के जरिए प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और प्रभावित लोगों तक हरसंभव मदद पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।

पटना के बाढ़ अनुमंडल के रामनगर दियारा समेत कई इलाकों में भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। पानी बढ़ने के कारण कई परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की तलाश करनी पड़ रही है। कुछ परिवार पुलों और सड़कों के किनारे शरण लेने को मजबूर हैं। बाढ़ पीड़ितों का कहना है कि पानी भरने से घरों और फसलों को भारी नुकसान हुआ है। लोगों को खाने-पीने के सामान, साफ पानी और रहने की सुरक्षित जगह के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से प्रभावित इलाकों में लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अधिक संख्या में नावें, जरूरी दवाएं और मवेशियों के लिए चारे की तत्काल व्यवस्था करने की मांग की है। बाढ़ के कारण अपने घरों से विस्थापित हुए परिवारों को इस समय तत्काल राहत, सुरक्षित निकासी और जरूरी सामान की सबसे ज्यादा जरूरत है।

लोगों को उम्मीद है कि जल्द पानी का स्तर कम होगा, ताकि वे अपने घरों को लौट सकें और सामान्य जिंदगी दोबारा शुरू कर सकें। गंगा के बढ़ते जलस्तर ने बिहार के कई इलाकों में हजारों लोगों के सामने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। प्रशासन के सामने अब प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखने और समय पर राहत पहुंचाने की बड़ी चुनौती है।