महाराष्ट्र के अमरावती जिला महिला अस्पताल की नवजात गहन चिकित्सा इकाई (NICU) में सोमवार तड़के भीषण आग लग गई। आग के बाद अस्पताल प्रशासन ने 36 नवजात बच्चों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया। अधिकारियों ने बताया कि आग से निकलने वाले धुएं का बच्चों के फेफड़ों पर असर पड़ने की आशंका थी, इसलिए एहतियात के तौर पर उन्हें दूसरी जगह भेजा गया।
जिला सिविल सर्जन डॉ. विनोद पवार ने बताया कि आग में किसी बच्चे के घायल होने की जानकारी नहीं है। धुएं के कारण नवजातों की सेहत पर असर पड़ सकता था, इसलिए किसी तरह का जोखिम नहीं लिया गया। 36 बच्चों को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है। इनमें से एक बच्चे को जांच के बाद उसकी मां के पास वापस भेज दिया गया, जबकि बाकी बच्चों को अस्पताल में भर्ती रखा गया है और उनकी लगातार निगरानी की जा रही है।
आग सोमवार सुबह करीब 3:15 बजे अस्पताल की तीसरी मंजिल पर स्थित NICU में लगी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, एक वेंटिलेटर में स्पार्क होने के बाद आग भड़क गई। NICU में अलग-अलग जरूरत वाले नवजातों के लिए कई सेक्शन बनाए गए थे। बताया गया कि आग उस हिस्से में लगी जहां दूसरे अस्पतालों से लाए गए नवजातों को रखा गया था। घटना के बाद छह बच्चों को सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में भी शिफ्ट किया गया।
अस्पताल का फायर ऑडिट 21 अगस्त को खत्म हो गया था। इससे पहले अस्पताल प्रशासन ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के इलेक्ट्रिकल विभाग को पत्र भेजा था। संबंधित विभाग के साथ इस मामले पर बातचीत चल रही थी और अस्पताल का एक कर्मचारी लगातार इसका फॉलोअप कर रहा था।महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश अबितकर ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और मामले की जांच के लिए हाई लेवल कमेटी बनाने का ऐलान किया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि PWD और अन्य अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर लिया है। स्वास्थ्य आयुक्त की अध्यक्षता में गठित कमेटी में AIIMS के एक अधिकारी समेत विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया है। मंत्री ने कहा कि जांच कमेटी से आठ दिनों के भीतर रिपोर्ट मिलने की उम्मीद है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, जिला सिविल सर्जन ने कहा कि जांच कमेटी कब काम शुरू करेगी और रिपोर्ट कब देगी, इसकी अंतिम समयसीमा कमेटी ही तय करेगी।