प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने हरियाणा के पूर्व राज्य मंत्री गोपाल कांडा से जुड़े गुरुग्राम के तीन परिसरों पर छापेमारी की है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 की धारा 17 के तहत यह कार्रवाई की। छापेमारी गोपाल कांडा के रिहायशी मकान, फार्महाउस और कार्यालय परिसरों पर की गई। यह कार्रवाई वाटिका लिमिटेड (Vatika Limited) से जुड़े कथित रियल एस्टेट धोखाधड़ी मामले की जांच के तहत की गई है। मामले की जांच ED की गुरुग्राम इकाई कर रही है।
जांच एजेंसी के अनुसार, वाटिका लिमिटेड ने अपने कमर्शियल प्रोजेक्ट्स में निवेश के लिए लोगों को समय पर कब्जा देने, सुनिश्चित रिटर्न, लीज रेंटल और सेल डीड (रजिस्ट्री) कराने का भरोसा दिया था। आरोप है कि कंपनी ने चार प्रोजेक्ट्स के जरिए 661 निवेशकों से करीब 248.46 करोड़ रुपये जुटाए। हालांकि, कई साल बीत जाने के बाद भी निवेशकों को उनकी संपत्तियों का कब्जा नहीं मिला। साथ ही, उनके पक्ष में सेल डीड भी निष्पादित नहीं की गई। इसी मामले में वित्तीय अनियमितताओं और कथित मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
ED की कार्रवाई के दौरान वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों की जांच की जा रही है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि निवेशकों से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल किन संस्थाओं या खातों में किया गया। इसके अलावा, गोपाल कांडा और वाटिका लिमिटेड के प्रवर्तकों के बीच संभावित वित्तीय संबंधों की भी पड़ताल की जा रही है। जांच के आधार पर आगे पूछताछ और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।