पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ा एक्शन लिया है. 16 मार्च 2026 की सुबह ED की टीमों ने राज्य के कई इलाकों में अवैध कॉल सेंटर से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में छापेमारी की है. यह कार्रवाई अवैध कॉल सेंटर चलाने वाले लोगों के खिलाफ है, जो विदेशी नागरिकों (खासकर अमेरिका के) को ठगकर पैसे कमाते थे और फिर उस पैसे को लॉन्डर करते थे.
ED के मुताबिक, ये कॉल सेंटर फेक टेक्निकल सपोर्ट या कंपनी का नाम लेकर लोगों को धोखा देते थे. वे रिमोट एक्सेस टूल्स इंस्टॉल करवाकर बैंक अकाउंट्स से पैसे चुराते थे. फिर वो पैसे क्रिप्टोकरेंसी, हवाला या दूसरे तरीकों से भारत लाकर इस्तेमाल करते थे. जांच में पता चला कि ऐसे कई सेंटर कोलकाता, साउथ 24 परगना और दूसरे इलाकों में चल रहे थे.
अभी तक कितने लोकेशन पर सर्च हुई, कितना कैश या डॉक्यूमेंट बरामद हुआ, ये डिटेल्स ऑफिशियल तौर पर जारी नहीं हुई है. अधिकारियों का कहना है कि सर्च जारी है और जल्द ही जानकारी दी जाएगी. राज्य पुलिस और साइबर क्राइम ब्रांच भी ऐसे कॉल सेंटर बस्ट कर रही है. जनवरी-फरवरी 2026 में कोलकाता में कई गिरफ्तारियां हुईं, जहां 8-10 लोग पकड़े गए थे.
हाल के महीनों में ED ने इसी तरह के केस में कई राज्यों (पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, अहमदाबाद) में भी सर्च किए हैं, जहां अमेरिकी नागरिकों से करोड़ों रुपये ठगे गए. पश्चिम बंगाल में यह छापेमारी चुनावी माहौल में आई है, इसलिए राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है. TMC और BJP के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो सकते हैं, जैसे पहले I-PAC या कोल स्कैम केस में हुआ था. ED का कहना है कि यह जांच पूरी तरह कानूनी है और किसी पार्टी या चुनाव से जुड़ी नहीं, बल्कि सिर्फ मनी लॉन्ड्रिंग रोकने के लिए है.