राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागड़े ने कहा कि न्याय, शांति, विकास और सभी के मानवाधिकारों के प्रति प्रतिबद्धता लोकतंत्र की सबसे मजबूत नींव हैं। उन्होंने कहा कि लोगों के बीच संवाद और आपसी विश्वास से लोकतंत्र और मजबूत होता है। अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस के मौके पर जयपुर स्थित इंदिरा गांधी पंचायती राज संस्थान में आयोजित भारतीय युवा संसद के 31वें सत्र को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि लोकतंत्र केवल सरकार चलाने तक सीमित नहीं है। यह देश के विकास की प्रक्रिया में हर नागरिक की समान भागीदारी सुनिश्चित करता है।
राज्यपाल बागड़े ने कहा कि लोकतंत्र संवाद से पूरा होता है। संवाद से सार्थक बातचीत होती है और सार्थक बातचीत से आपसी मित्रता और समझ का रास्ता खुलता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए न्याय के रास्ते पर चलना और अच्छे मूल्यों को अपनाना जरूरी है। अच्छे विचारों को स्वीकार करने से विवेक जागृत होता है और यही विवेक समाज में सम्मान और पहचान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
संसद की भूमिका पर बात करते हुए राज्यपाल ने कहा कि संसद केवल एक इमारत नहीं, बल्कि 'लोकतंत्र का पवित्र मंदिर' है। उन्होंने कहा कि संविधान संसद का देवता है। जिन लोगों के मन में यह भावना होती है, वे सदन के भीतर कभी असंसदीय भाषा का इस्तेमाल नहीं करेंगे। उन्होंने युवाओं से संसदीय लोकतंत्र के प्रहरी के रूप में काम करने और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है और युवा देश की सबसे बड़ी ताकत और गौरव हैं। उन्होंने युवाओं से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन को पूरा करने में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता का विश्वास जीतना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही आपसी समझ भी आवश्यक है। राज्यपाल ने समझ को सफल लोकतंत्र के लिए सबसे बड़े गुणों में से एक बताया।
कार्यक्रम में गुजरात की राज्य मंत्री रिवाबा जडेजा ने भी लोकतंत्र में आपसी समझ विकसित करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश को सबसे ज्यादा युवाओं की ताकत की जरूरत है और भारत को आगे ले जाने में युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। भारतीय युवा संसद के इस कार्यक्रम में युवाओं ने लोकतांत्रिक मूल्यों, जनभागीदारी और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनान