ओडिशा के मलकानगिरी जिले में चक्रवात के असर को देखते हुए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। रेड अलर्ट के बीच राहत और बचाव दलों को तैयार रखा गया है। प्रशासन ने किसी भी स्थिति में 'जीरो कैजुअल्टी' का लक्ष्य रखा है। मलकानगिरी के कलेक्टर प्रथमेश अरविंद राजेशिरके ने बताया कि बुधवार शाम से भारी बारिश और तेज होने की संभावना है। चक्रवात के लैंडफॉल के बाद बारिश गुरुवार सुबह तक जारी रह सकती है।
कलेक्टर के मुताबिक, खैरपुट और माथिली ब्लॉक में अब तक क्रमश: 60 और 80 मिमी से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। जिले में अब तक कुल बारिश 350 मिमी से कम रही है। सुबह 6 बजे से बारिश में आई कमी को प्रशासन ने तूफान से पहले की शांति बताया है। प्रशासन निचले इलाकों और जलाशयों पर लगातार नजर रख रहा है। करीब दो सप्ताह पहले भारी बारिश के दौरान जिले के चार पुल पानी में डूब गए थे। इसे देखते हुए 3 से 4 संवेदनशील पुलों के आसपास पुलिस बैरिकेडिंग की गई है, ताकि किसी दुर्घटना को रोका जा सके।
संभावित भूस्खलन और सड़कों पर मलबा आने की स्थिति से निपटने के लिए 220 JCB मशीनें तैनात की गई हैं। खासतौर पर घाट और घाटी वाले इलाकों में सड़क साफ करने और मलबा हटाने के लिए इनका इस्तेमाल किया जाएगा। प्रशासन ने चक्रवात आश्रय स्थलों को पूरी तरह तैयार कर दिया है। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा। राहत शिविरों में सूखा राशन और पका हुआ भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
बारिश और चक्रवात को देखते हुए सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। वहीं, सभी सरकारी अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं, ताकि आपदा की स्थिति में प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित न हो। जमीनी स्तर पर राहत और बचाव अभियान को मजबूत करने के लिए ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स (ODRAF) की दो टीमें कोरापुट से मलकानगिरी भेजी गई हैं। एक टीम को माथिली और गोविंदपल्ली में तैनात किया गया है, जबकि दूसरी टीम कालीमेला में मौजूद रहेगी।
ओडिशा के मुख्य सचिव और राज्य के राजस्व मंत्री की अध्यक्षता में तैयारियों को लेकर बैठकें भी की गई हैं। इसमें आपदा से निपटने के लिए तय मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) की समीक्षा की गई। प्रशासन ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और जनजीवन पर असर कम करने के निर्देश दिए हैं।