मिडिल ईस्ट में टकराव के चलते बार-बार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने के बाद कच्चे तेल की कीमतें अब घटकर टकराव से पहले के 75 डॉलर के स्तर के करीब आ गई हैं। इस हफ्ते मार्च की शुरुआत के बाद पहली बार क्रूड 80 डॉलर से नीचे आया, जिसकी वजह अमेरिका-ईरान के बीच संभावित समझौते की उम्मीद है। सुबह करीब 7 बजे IST, वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 76.46 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 79.41 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था।
अमेरिका-ईरान टकराव से पहले कच्चे तेल की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास थीं। शांति समझौते की घोषणा के बाद से दोनों बेंचमार्क में लगभग 5% की गिरावट आई और वे तीन महीने के निचले स्तर पर पहुंच गए। उम्मीद है कि अमेरिका-ईरान डील से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल की सप्लाई फिर से शुरू हो सकती है। WTI क्रूड की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा और यह 80 डॉलर प्रति बैरल से 10 डॉलर ऊपर या नीचे के दायरे में घूम सकता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह डील तेहरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकेगी। समझौते का ड्राफ्ट यानी मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। यह ड्राफ्ट अप्रैल में घोषित नाजुक युद्धविराम को 60 दिनों के लिए और बढ़ाता है, ताकि स्थायी युद्धविराम के लिए बातचीत का समय मिल सके।
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत अमेरिका ईरान के बंदरगाहों पर लगी नाकेबंदी हटा लेगा, जबकि तेहरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल टैंकरों की आवाजाही की इजाजत देगा। यह जलमार्ग 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल के हमलों के बाद से बंद पड़ा था। हालांकि इंडस्ट्री अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि प्रोडक्शन और रिफाइनिंग गतिविधियों को युद्ध से पहले के स्तर पर लाने में हफ्तों, महीनों या सालों भी लग सकते हैं।
युद्धविराम के टिके रहने को लेकर भी अनिश्चितता है क्योंकि इजराइल ने अप्रैल के युद्धविराम और हालिया अमेरिका-ईरान समझौते, दोनों से ही खुद को अलग रखा है। ईरान के पास अब जब चाहे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह से बंद करने की क्षमता है। हालिया टकराव के दौरान ईरान के पास इस रणनीतिक जलमार्ग को बंद करने का इरादा और क्षमता, दोनों हैं। इसी जलमार्ग से दुनिया का 20% तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) एक्सपोर्ट होता है।