त्योहारी सीजन को देखते हुए दिल्ली सरकार ने मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने खोया, पनीर, छेना और घी समेत दूध से बने उत्पादों की जांच के लिए दिल्ली के कई बाजारों और खाद्य बिक्री केंद्रों पर निरीक्षण किया।
पिछले एक महीने से चल रहे अभियान के दौरान ओखला सब्जी मंडी, मोरी गेट खोया मंडी, बाग दीवार, संजय मार्केट, जनकपुरी की छोटी सब्जी मंडी, शाहदरा के मोची मार्केट, गाजीपुर और झील समेत कई इलाकों में जांच की गई। विभाग ने ऑनलाइन निरीक्षण भी किए और कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के तय मानकों का पालन करने के निर्देश दिए।
अभियान के दौरान 4,100 किलो से ज्यादा खोया और पनीर मिलावटी होने का संदेह पाया गया। कार्रवाई के तहत इन खाद्य उत्पादों को नष्ट कर दिया गया, ताकि इन्हें दोबारा बाजार में बेचकर लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा न किया जा सके। मोरी गेट खोया मंडी में खोये के 30 नमूने लिए गए। इनमें से 22 नमूने मानव उपभोग के लिए असुरक्षित पाए गए और निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे। इसी तरह पनीर और छेना के 19 नमूनों की जांच में सिर्फ 7 नमूने निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए गए, जबकि 12 नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे।
जांच में निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के बाद विभाग ने संबंधित खाद्य कारोबारियों के खिलाफ Food Safety and Standards Act, 2006 के तहत अभियोजन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बुधवार को भी खाद्य सुरक्षा विभाग ने खारी बावली, ओखला सब्जी मंडी, पूर्वी दिल्ली के झील इलाके और पश्चिमी दिल्ली की जनकपुरी मंडी समेत कई प्रमुख स्थानों पर निरीक्षण और कार्रवाई की।
दिल्ली सरकार के मुताबिक, यह विशेष अभियान पूरे त्योहारी सीजन के अंत तक जारी रहेगा। इस दौरान प्रमुख बाजारों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच, निगरानी के लिए नमूने लेने और संदिग्ध या असुरक्षित खाद्य उत्पादों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज की जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में लोग मिठाइयां और दूध से बने उत्पाद खरीदते हैं। उन्होंने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य को खतरे में डालने वाली मिलावट के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने खाद्य सुरक्षा विभाग को बाजारों में नियमित जांच करने, संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने लेने और जांच में दोषी पाए जाने वाले कारोबारियों के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।