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मसूरी वन रेंज के विभाजन पर गहराया विवाद, मुनिकीरेती में शामिल करने पर ग्रामीणों का हल्लाबोल

मसूरी वन प्रभाग की चार रेंजों को नई टिहरी (मुनिकीरेती) वन प्रभाग में शामिल करने के प्रस्ताव के खिलाफ जौनपुर क्षेत्र के ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मोर्चा खोल दिया है। भारी संख्या में मसूरी पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने वन विभाग के कार्यालय पर जमकर नारेबाजी की और सरकार के इस निर्णय पर गहरा आक्रोश जताया। ग्रामीणों का तर्क है कि मुनिकीरेती की दूरी उनके क्षेत्रों से 200 किलोमीटर से भी अधिक है, जिससे छोटे-छोटे वन विभागीय कार्यों के लिए उन्हें भारी मानसिक और आर्थिक परेशानी झेलनी होगी।

प्रधान संगठन के अध्यक्ष प्रदीप कवि और कांग्रेस नेता मनमोहन सिंह मल्ल के नेतृत्व में एसडीओ के माध्यम से वन मंत्री को ज्ञापन भेजा गया। जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि भद्रीगाड़, कैंपटी, जौनपुर और देवलसारी रेंज को पूर्व की भांति मसूरी वन प्रभाग में ही रखा जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस प्रस्ताव को वापस नहीं लिया गया, तो क्षेत्र की जनता उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी।