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तिरुचिरापल्ली में 37 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा, भव्य महा कुंभाभिषेकम संपन्न

तिरुचिरापल्ली में श्रीरंगम के पास मेलूर में, कोल्लिडम नदी के तट पर—जो उत्तर और दक्षिण कावेरी के बीच स्थित है और जिसे “दक्षिण अयोध्या” भी कहा जाता है—37 फीट ऊंची हनुमान जी की प्रतिमा का विधिवत अभिषेक और प्राण प्रतिष्ठा की गई। इसे तमिलनाडु की सबसे ऊंची हनुमान प्रतिमा बताया जा रहा है। मंदिर के जीर्णोद्धार और निर्माण कार्य पूरा होने के बाद आज महा कुंभाभिषेकम श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हुआ।

पूजा-अर्चना की शुरुआत 21 मार्च से हुई, जब विभिन्न पवित्र नदियों से जल लाकर यज्ञशाला पूजाओं का शुभारंभ किया गया। आज सुबह यज्ञशाला अनुष्ठानों का पांचवां चरण संपन्न हुआ, जिसमें वैदिक मंत्रोच्चार, दिव्य प्रबंधम पाठ और शांति मंत्र शामिल थे। पूजन का समापन पूर्णाहुति के साथ हुआ, जिसके बाद यज्ञशाला से पवित्र जल की शोभायात्रा निकाली गई।

इसके बाद हनुमान जी के मंदिर शिखर के कलशों और उप-देवताओं—पट्टाभि राम, हयग्रीव और नरसिंह (सिंगपेरुमल)—पर विधिपूर्वक पवित्र जल चढ़ाया गया। महा संप्रोक्षणम, कुंभ प्रोक्शनम और प्राण प्रतिष्ठा एक साथ भव्य रूप से आयोजित किए गए। इसके पश्चात हनुमान जी का पवित्र जल से अभिषेक, पुष्प अर्पण और महा दीपाराधना की गई।

हनुमान जी की प्रतिमा को स्वर्ण आभूषणों—जैसे श्रीपाद, अभय हस्त, मुकुट आदि—से सजाया गया, जिन्हें तिरुवरूर के प्रसिद्ध शिल्पकारों ने तैयार किया है। इस भव्य दर्शन के लिए तिरुचिरापल्ली ही नहीं, बल्कि राज्य के विभिन्न जिलों से हजारों श्रद्धालु पहुंचे। यह आयोजन क्षेत्र में आस्था और भक्ति का अद्भुत केंद्र बन गया।