रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आज के ठीक 49 पहले भारत में तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा आपातकाल लगाया गया था. आपातकाल हमारे देश के लोकतंत्र के इतिहास का वह काला अध्याय है जिसे चाह कर भी भुलाया नहीं जा सकता. सत्ता के दुरुपयोग और तानाशाही का जिस तरह खुला खेल उस दौरान खेला गया,
वह कई राजनीतिक दलों की लोकतंत्र के प्रति प्रतिबद्धता पर बहुत बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है. यदि आज इस देश में लोकतंत्र जीवित है तो उसका श्रेय उन लोगो को जाता है जिन्होंने लोकतंत्र की बहाली के संघर्ष किया, जेल गये और न जाने कितनी शारीरिक और मानसिक यातना से उन्हें गुज़रना पड़ा. भारत की आने वाली पीढ़ियाँ उनके संघर्ष और लोकतंत्र की रक्षा में उनके योगदान को याद रखेंगी.