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किसानों के लिए बड़ा फैसला, कैबिनेट ने खनिज मिशन को मंजूरी दी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को देश के भीतर और अपतटीय स्थानों पर महत्वपूर्ण खनिजों की खोज को बढ़ावा देने के लिए 16,300 करोड़ रुपये के 'राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन' (एनसीएमएम) को मंजूरी दी। पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में ये फैसला किया गया। सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद संवाददाताओं को इस फैसले की जानकारी दी।

वैष्णव ने कहा कि एनसीएमएम का उद्देश्य महत्वपूर्ण खनिजों के आयात पर देश की निर्भरता को कम करना और इस मामले में आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करना है। राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन के तहत महत्वपूर्ण खनिजों के अन्वेषण, खनन, प्रसंस्करण और उत्पादन बंद हो चुके उत्पादों से इन खनिजों की वसूली जैसे मूल्य श्रृंखला से जुड़े सभी चरण शामिल होंगे।

सरकार को उम्मीद है कि ये मिशन देश के भीतर और इसके अपतटीय क्षेत्रों में महत्वपूर्ण खनिजों की खोज को तेज करेगा। इसका उद्देश्य महत्वपूर्ण खनिजों की खनन परियोजनाओं के लिए नियामकीय मंजूरी की प्रक्रिया को त्वरित बनाना है। इसके अलावा मिशन महत्वपूर्ण खनिजों के अन्वेषण के लिए वित्तीय प्रोत्साहन देगा और इन संसाधनों को 'ओवरबर्डन' और 'टेलिंग्स' से दोबारा निकालने की गतिविधि को बढ़ावा देगा।

'ओवरबर्डन' मिट्टी और चट्टान की वह परत होती है जिसे खनिजों तक पहुंचने के लिए हटाया जाता है। वहीं 'टेलिंग्स' वे पदार्थ होते हैं जो खनिजों को निकालने के बाद या बाद में बचे रह जाते हैं। वैष्णव ने कहा कि एनसीएमएम का उद्देश्य भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों और निजी क्षेत्र की कंपनियों को विदेशों में महत्वपूर्ण खनिज परिसंपत्तियों का अधिग्रहण करने और संसाधन समृद्ध देशों के साथ व्यापार बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना है। ये मिशन देश के भीतर महत्वपूर्ण खनिजों के भंडार के विकास का भी प्रस्ताव करता है।