उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके आवेदन पर मौके पर ही जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने लोगों की शिकायतों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को उनके समाधान के निर्देश दिए। जनता दर्शन में लोग अपनी समस्याओं से जुड़े लिखित आवेदन लेकर पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने मौके पर ही शिकायतों की समीक्षा की और मौजूद अधिकारियों को संबंधित प्रार्थना पत्र सौंपते हुए कार्रवाई करने को कहा।
नोएडा में सनातन परंपरा को लेकर सीएम योगी का बयान
इससे एक दिन पहले रविवार, 20 सितंबर को नोएडा में आयोजित 'प्रेरणा विमर्श-2026' कार्यक्रम के समापन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत की सांस्कृतिक पहचान और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं पर बात की थी। सीएम योगी ने कहा कि भारत की चेतना और मूल्य उसकी सनातन परंपरा से जुड़े हैं। उन्होंने सामाजिक मूल्यों और समरसता को भारतीय परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में महिलाओं की गरिमा, सम्मान और सुरक्षा को हमेशा प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने प्राचीन विदुषी गार्गी और ऋषि याज्ञवल्क्य के बीच हुए शास्त्रार्थ का उदाहरण देते हुए महिलाओं की बौद्धिक क्षमता और योगदान का उल्लेख किया। योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनकल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इनका मुख्य फोकस महिलाओं, युवाओं, किसानों और गरीबों पर है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में चार करोड़ लोगों को बिना भेदभाव के घर दिए गए हैं। उत्तर प्रदेश में 65 लाख लोगों को आवास मिल चुके हैं और जल्द ही 12 लाख अन्य लोगों को भी घर उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आवास योजनाओं का लाभ देते समय जाति, क्षेत्र, भाषा या धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का दृष्टिकोण सभी लोगों के लिए समान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद सरकार किसी व्यक्ति को अपना मतदाता या गैर-मतदाता मानकर अलग व्यवहार नहीं करती। भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन का उल्लेख करते हुए योगी आदित्यनाथ ने 'समत्वं योग उच्यते' का जिक्र किया और समानता के सिद्धांत को अपने जीवन का मार्गदर्शक बताया।