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CM खेमचंद सिंह का ऐलान, मणिपुर बम हमले की जांच NIA को सौंपी जाएगी

मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने मंगलवार को घोषणा की कि ट्रोंगलाओबी में हुए बम हमले, जिसमें दो बच्चों की मौत हो गई, की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपी जाएगी। अपने आधिकारिक आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि यह कृत्य ऐसे लोगों या समूहों का हो सकता है, जिनका उद्देश्य राज्य में शांति व्यवस्था को भंग करना है। मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, यह फैसला गृह मंत्री और अन्य विधायकों के साथ विस्तृत चर्चा के बाद लिया गया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि अभी तक हमलावरों की पहचान नहीं हो पाई है और उन्हें पकड़ने के लिए व्यापक तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। राज्य पुलिस, असम राइफल्स और सीआरपीएफ सहित संयुक्त सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है, साथ ही हेलीकॉप्टर की मदद भी ली जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

उन्होंने यह भी बताया कि सेना, असम राइफल्स, राज्य पुलिस और सीआरपीएफ के साथ एक उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें सुरक्षा बलों को अभियान तेज करने और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने जनता से शांति बनाए रखने और भावनाओं में बहकर कोई कदम न उठाने की अपील की। उन्होंने लोगों से चल रहे अभियान में सहयोग करने और सामान्य स्थिति बहाल करने में मदद करने का अनुरोध किया।

वहीं, मणिपुर के गृह मंत्री कोंथौजम गोविंदास सिंह ने कहा कि ऐसे तत्व शांति भंग करने वाले हैं, जो स्थिति सामान्य होने पर उसे बिगाड़ने की कोशिश करते हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में सुरक्षा बलों को ट्रोंगलाओबी विस्फोट के दोषियों को “जिंदा या मुर्दा” पकड़ने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि लंबे समय बाद राज्य कमांडो को पहाड़ी इलाकों में फिर से तैनात किया गया है और बुलेटप्रूफ वाहनों का इस्तेमाल कर अभियान को मजबूत किया जा रहा है। इस बीच, बिष्णुपुर जिले में आज सुबह प्रदर्शनकारियों द्वारा सीआरपीएफ कैंप पर धावा बोलने की कोशिश के दौरान गोलीबारी में पांच लोग घायल हो गए, जिनमें से दो की मौत हो गई, जबकि अन्य को मामूली चोटें आईं।

मुख्यमंत्री और गृह मंत्री ने इंफाल के राज मेडिसिटी अस्पताल जाकर घायलों और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने अकामपट राहत शिविर में रह रही एक नाबालिग लड़की की हाल ही में हुई मौत पर भी दुख जताया और प्रभावित परिवारों को मुआवजा व हर संभव सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।