देहरादून-ऋषिकेश फोर-सिक्स लेन सड़क परियोजना के लिए पेड़ों की कटाई का विरोध हो रहा है। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फिलहाल पेड़ों की कटाई पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक स्थानीय लोगों, पर्यावरण प्रेमियों और सभी संबंधित पक्षों के साथ बातचीत कर सहमति नहीं बन जाती, तब तक एक भी पेड़ नहीं काटा जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों और विशेषज्ञों से दोबारा बातचीत करें और सभी की राय सुनने के बाद ही आगे का फैसला लें। सीएम ने बताया कि यह भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की महत्वपूर्ण परियोजना है। इस पर हाईकोर्ट के निर्देशों और सभी जरूरी पर्यावरणीय मंजूरियों के अनुसार काम किया जा रहा था।
परियोजना में वन्यजीवों की सुरक्षा का भी ध्यान रखा गया है। इसके तहत करीब 3.5 किलोमीटर लंबा हाथी अंडरपास बनाया जाएगा। साथ ही छोटे जानवरों के लिए भी विशेष रास्ते (कल्वर्ट) बनाए जाएंगे, ताकि उनकी सुरक्षित आवाजाही हो सके और सड़क हादसे कम हों। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विकास चाहती है, लेकिन पर्यावरण, जनभावनाओं और स्थानीय हितों की अनदेखी नहीं करेगी। सरकार तीनों के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ेगी।
क्या है यह परियोजना?
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भानियावाला से ऋषिकेश तक 20 किलोमीटर लंबी चार-छह लेन सड़क बनेगी।
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इस परियोजना पर करीब 743 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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इससे देहरादून, जॉलीग्रांट एयरपोर्ट और ऋषिकेश के बीच यात्रा आसान और तेज होगी।
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वन क्षेत्र में सड़क की चौड़ाई 60 मीटर से घटाकर 23 मीटर कर दी गई है।
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754 पेड़ों को दूसरी जगह प्रत्यारोपित करने की योजना है।
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परियोजना में हाथी अंडरपास, एलिवेटेड रोड, साउंड बैरियर, वन्यजीव चेतावनी संकेतक और नो-हार्न जोन जैसी सुविधाएं भी होंगी।
मौजूदा स्थिति
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मार्ग: भानियावाला–जॉलीग्रांट–ऋषिकेश (NH-07)
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वर्तमान सड़क: दो लेन
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रोजाना यातायात: लगभग 18,456 वाहन
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यातायात भार: करीब 15,088 पीसीयू