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बिहार विधानसभा में ग्रामीण विकास पर मंथन, सड़क-आवास-रोजगार पर जोर

बिहार विधानसभा के बजट सत्र में ग्रामीण विकास विभाग के बजट अनुदान प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा होगी। 2026-27 के बजट में ग्रामीण बुनियादी ढांचे के लिए ₹23,701.18 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो प्राथमिकताओं में दूसरे स्थान पर है। इस चर्चा में मनरेगा (MGNREGA), प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण और ग्रामीण सड़क परियोजनाओं को प्रमुखता से शामिल किया जाएगा, जिसमें रोजगार सृजन और ग्रामीण सशक्तिकरण मुख्य मुद्दे होंगे।शिक्षा के बाद ग्रामीण विकास को बजट में विशेष प्राथमिकता दी गई है, जो कुल बजट का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार की निगरानी में होने वाली इस चर्चा में मनरेगा, पीएमएवाई-जी (PMAY-G), और पीएमजीएसवाई (PMGSY) जैसी योजनाओं के तहत विकास कार्यों का मूल्यांकन किया जाएगा। जीविका मॉडल को और मजबूत करने के लिए अतिरिक्त सहायता का प्रावधान किया गया है, जिस पर सदन में चर्चा होगी। कुल बजट का बड़ा हिस्सा, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पुल, और बुनियादी ढांचे (पूंजीगत व्यय) के लिए आवंटित किया गया है। यह चर्चा राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने और बुनियादी सुविधाओं को और मजबूत बनाने के लिए अहम होगी।

बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ग्रामीण विकास विभाग के बजट अनुदान प्रस्तावों पर चर्चा की जा रही है। 
बिहार सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ग्रामीण विकास विभाग को ₹23,701.18 करोड़ का भारी-भरकम बजट आवंटित किया है। 'सात निश्चय-3' विजन के तहत अगले 5 वर्षों में 1 करोड़ नौकरियां और रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य है, जिसमें ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं (जैसे मनरेगा और जीविका) की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

जीविका समूहों के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना (MMRY) के तहत वित्तीय सहायता और ऋण का प्रावधान किया गया है। गांवों में नए आवास, सड़कें, खेल के मैदान, सामुदायिक शौचालय, सोलर पैनल और वर्षा जल संचयन परियोजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बजट सत्र 2 फरवरी 2026 को शुरू हुआ और यह 27 फरवरी 2026 तक चलेगा। अनुदान मांगों पर चर्चा का सिलसिला फरवरी के दूसरे सप्ताह से शुरू हो चुका है।