लोकसभा चुनाव के बाद अब उत्तर प्रदेश में दस विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं. 2024 में सब कुछ गंवा चुकी बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती अब दोबारा से पार्टी के खिसक चुके सियासी आधार को वापस लाने के लिए उपचुनाव में मैदान में उतरने की स्ट्रैटजी बनाई है. अभी तक बसपा उपचुनाव से दूरी बनाए रखती थी, लेकिन सियासी ठोकर लगने के बाद अब बसपा ने सियासी किस्मत आजमाने का फैसला किया है. सूबे की दस सीटों पर होने वाले उपचुनाव के जरिए कमबैक करने के लिए बसपा ने मजबूत प्रत्याशियों की तलाश शुरू कर दी है.