पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को नबन्ना में नई भाजपा सरकार की पहली कैबिनेट बैठक के बाद कई अहम फैसलों की घोषणा की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने आयुष्मान भारत योजना लागू करने और केंद्र सरकार की प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं को पूरे राज्य में प्रभावी रूप से लागू करने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल में सुशासन, सुरक्षा और डबल इंजन सरकार की नई यात्रा शुरू हो चुकी है, जो देश के अन्य भाजपा शासित राज्यों की विकास नीति के अनुरूप आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार डॉ. भीमराव आंबेडकर के आदर्शों और “जनता के लिए, जनता द्वारा और जनता की सरकार” के सिद्धांत पर काम करेगी।
चुनाव प्रक्रिया और शहीद कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि
कैबिनेट ने पश्चिम बंगाल के मतदाताओं, प्रशासन और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सभी लोगों को लंबे समय बाद भयमुक्त, हिंसामुक्त और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए धन्यवाद दिया। साथ ही भाजपा के 321 दिवंगत कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार शहीद कार्यकर्ताओं के परिवारों के साथ खड़ी है और राजनीतिक हत्याओं में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सीमा सुरक्षा को प्राथमिकता
राज्य सरकार ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) को आवश्यक भूमि हस्तांतरित करने की प्रक्रिया को मंजूरी दी है। मुख्य सचिव और भूमि एवं भूमि सुधार विभाग को यह प्रक्रिया 45 दिनों के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया गया है।
आयुष्मान भारत और केंद्र की योजनाएं लागू होंगी
सरकार ने आयुष्मान भारत योजना को आधिकारिक रूप से लागू करने का निर्णय लिया है। स्वास्थ्य सचिव और मुख्यमंत्री कार्यालय के सलाहकारों को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ आवश्यक समझौता शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, पीएम श्री योजना, विश्वकर्मा योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और उज्ज्वला योजना जैसी प्रमुख केंद्रीय योजनाओं को सक्रिय रूप से लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिला अधिकारियों को सभी आवेदनों को संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों तक शीघ्र भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासनिक सुधार और भर्ती में राहत
राज्य के IAS अधिकारियों को अब केंद्र सरकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। साथ ही पश्चिम बंगाल में भारतीय न्याय संहिता (BNS) के प्रावधानों को पूरी तरह लागू करने का निर्णय लिया गया है। सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन की अधिकतम आयु सीमा में पांच वर्ष की बढ़ोतरी की गई है, जिससे युवाओं को अधिक अवसर मिलेंगे।
जनकल्याण योजनाएं जारी रहेंगी
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पिछली सरकार की कोई भी जनकल्याणकारी योजना बंद नहीं की जाएगी। हालांकि, सभी योजनाएं अब पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित होंगी। मृत व्यक्तियों, अवैध घुसपैठियों और गैर-भारतीय नागरिकों को राज्य की योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा, “यह सरकार अहंकार से नहीं, सिद्धांतों से चलती है।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश “डर खत्म, भरोसा शुरू” का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी सरकार राज्य के लोगों को सुरक्षा, विश्वास और विकास देने के लिए प्रतिबद्ध है।