शारदीय नवरात्र की महानवमी पर सोमवार को गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में विधि-विधान से कन्या पूजन किया। इस दौरान उन्होंने कन्याओं के पांव पखारे और रोली, चंदन, दही व अक्षत से तिलक लगाकर उनका पूजन किया। सीएम योगी ने कन्याओं को भोजन कराया और दक्षिणा व उपहार भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया। इस अनुष्ठान के माध्यम से सनातन परंपरा में मातृशक्ति के सम्मान और पूजन का संदेश दिया गया।
कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप मानकर किया पूजन
गोरखनाथ मंदिर में शारदीय नवरात्र के दौरान शक्ति उपासना की विशेष परंपरा निभाई जाती है। नवरात्र की प्रतिपदा पर सीएम योगी ने मंदिर के शक्तिपीठ में विधि-विधान से कलश स्थापना की थी। महानवमी पर मां दुर्गा के नौवें स्वरूप देवी सिद्धिदात्री की आराधना के बाद उन्होंने कन्या पूजन का अनुष्ठान पूरा किया।
इस दौरान कुंवारी कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप मानकर उनके पांव पखारे गए। सीएम योगी ने कन्याओं के माथे पर तिलक लगाया और श्रद्धापूर्वक पूजन किया। इसके बाद उन्हें भोजन कराया गया और दक्षिणा व उपहार भेंट किए गए। परंपरा के अनुसार बटुक पूजन भी किया गया। सनातन संस्कृति में कन्या पूजन को नारी शक्ति के सम्मान और देवी आराधना का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
विजयादशमी पर गुरु गोरखनाथ की पूजा से शुरू होंगे कार्यक्रम
मंगलवार, 20 अक्टूबर को विजयादशमी के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में दिनभर धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे। सुबह 9:35 बजे शिवावतार गुरु गोरखनाथ की विशेष पूजा के साथ कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। इसके बाद मंदिर परिसर में स्थापित सभी देवी-देवताओं के विग्रहों का पूजन किया जाएगा।
दोपहर एक बजे से तीन बजे तक गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ का तिलकोत्सव आयोजित होगा। इस दौरान वह श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देंगे। शाम चार बजे उनकी अगुवाई में भव्य पारंपरिक विजयादशमी शोभायात्रा निकाली जाएगी।
मानसरोवर मंदिर में पूजा, रामलीला में होगा श्रीराम का राजतिलक
गुरु गोरखनाथ का आशीर्वाद लेकर सीएम योगी रथ पर सवार होंगे। तुरही, नगाड़ों और बैंड-बाजे के बीच शोभायात्रा मानसरोवर मंदिर पहुंचेगी। यहां वह भगवान शिव सहित अन्य देव विग्रहों की पूजा-अर्चना और अभिषेक करेंगे।
इसके बाद शोभायात्रा मानसरोवर रामलीला मैदान पहुंचेगी। यहां सीएम योगी प्रभु श्रीराम का राजतिलक करेंगे। साथ ही भगवान श्रीराम, माता जानकी, लक्ष्मण और हनुमान जी की पूजा-अर्चना कर आरती उतारेंगे। कार्यक्रम के बाद शोभायात्रा वापस गोरखनाथ मंदिर पहुंचेगी।
शाम सात बजे से होगा पारंपरिक प्रसाद वितरण
विजयादशमी पर शाम सात बजे से गोरखनाथ मंदिर में पारंपरिक प्रसाद वितरण और भोज का आयोजन होगा। इसमें गरीबों, ब्राह्मणों और अतिथियों को भोजन कराया जाएगा। इस आयोजन में समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल होते हैं। गोरक्षपीठ की यह परंपरा सामाजिक समरसता और आपसी सद्भाव का संदेश देती है।