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देश की रक्षा करते हुए उत्तराखंड का एक और लाल शहीद

देवभूमि का एक और लाल दुश्मन से लोहा लेते हुए देश के लिए कुर्बान हो गया है। असम राइफल्स में तैनात वारंट ऑफिसर गुणानंद चौबे मणिपुर में उग्रवादियों के अचानक हमले में शहीद हो गए। उनकी वीरता और साहस को याद करते हुए पूरा क्षेत्र शोक में डूब गया है। 

इस खबर के बाद से देवभूमि में शोक की लहर दौड़ गई है। 12 अगस्त की सुबह उग्रवादियों द्वारा किए गए हमले में उत्तराखंड के गुणानंद चौबे शहीद हो गए। बताया जा रहा है कि मणिपुर में सोमवार सुबह उग्रवादियों ने हमला किया। इस हमले में लोहाघाट के चौबे गांव सुई के निवासी असम राइफल में तैनात वारंट ऑफिसर गुणानंद चौबे पुत्र हरिदत्त चौबे शहीद हो गए।

इस घटना की जानकारी के बाद से पूरे सुई व लोहाघाट क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। ग्राम प्रधान भुवन चौबे ने बताया शहीद गुणानंद चौबे मणिपुर में 22 बटालियन असम राइफल में वारंट ऑफिसर के पद पर तैनात थे। उनका परिवार दिल्ली में रहता है। शहीद के तीन बच्चे हैं। वो अपने पीछे अपनी पत्नी दो बेटी व एक बेटे को छोड़ गए हैं। उनके पार्थिव शरीर को अभी असम राइफल कैंप रखा गया है।