दिल्ली में गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान आंध्र प्रदेश की झांकी में दुनिया भर में मशहूर एटिकोप्पका बोम्मालु की झलक दिखाई देगी। लकड़ी के ये खिलौने राज्य के एटिकोप्पका गांव में तैयार किए जाते हैं। ये लगातार तीसरा साल है जब 26 जनवरी पर आंध्र प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत परेड में दिखाई देगी।
लकड़ी से बने ये खिलौने बेहद खूबसूरत होते हैं। इन पर प्राकृतिक रंग किया जाता है। एटिकोप्पका के इन खिलौनों को दुनिया भर में खूब पंसद किया जाता है।विशाखापत्तनम जिले में एटिकोप्पका गांव के कारीगर इन खिलौनों को तैयार करते हैं। इन्हें जियोग्राफिकल इंडिकेशन टैग और नॉन टॉक्सिक सर्टिफिकेट मिल चुका है। इससे इसकी प्रामाणिकता और पंसद और बढ़ गई है।
एटिकोप्पका में इन खिलौनों को सॉफ्ट लकड़ी से तैयार किया जाता है। पर्यावरण के लिहाज से भी ये सुरक्षित हैं। यही वजह है कि आंध्र प्रदेश की हस्तकला और पारंपरिक शिल्प कौशल गणतंत्र दिवस समारोह में दिखाई देगा। झांकी में 35 फीट ऊंची भगवान विनायक की मूर्ति होगी। साथ ही कारीगरों की 18 सदस्यीय टीम खिलौने तैयार करेगी।
गणतंत्र दिवस समारोह में दिखाई देगी आंध्र प्रदेश के एटिकोप्पका खिलौनों की झांकी
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