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TMC में बंटवारे पर 19 जून को पक्ष रखेंगे अभिषेक बनर्जी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से करेंगे मुलाकात

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को 19 जून को चर्चा के लिए बुलाया है। यह बैठक TMC के 20 बागी सांसदों द्वारा अलग गुट बनाने और दूसरी पार्टी में विलय के दावे को लेकर हो रही है। 14 जून को TMC के 20 बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर एक पत्र सौंपा था। इसमें उन्होंने अपने गुट के नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय की जानकारी दी थी। साथ ही लोकसभा में अलग बैठने की व्यवस्था की भी मांग की थी।

बताया जा रहा है कि लोकसभा अध्यक्ष दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद इस मामले में फैसला लेंगे। अभिषेक बनर्जी को पहले भी बैठक के लिए बुलाया गया था, लेकिन वह इसमें शामिल नहीं हो सके। उस समय वह प्रवर्तन निदेशालय (ED) की पूछताछ में व्यस्त थे। बताया गया है कि 15 जून को दोपहर 2 बजे लोकसभा अध्यक्ष कार्यालय की ओर से उन्हें ईमेल भेजा गया था और उसी दिन शाम 4 बजे दिल्ली में मिलने के लिए कहा गया था।

चूंकि अभिषेक बनर्जी ED की पूछताछ में थे, इसलिए उनके पास मोबाइल फोन और ईमेल की पहुंच नहीं थी। इसके बाद TMC सांसद कीर्ति आजाद ने लोकसभा अध्यक्ष कार्यालय पहुंचकर अभिषेक की अनुपलब्धता की जानकारी दी और बैठक के लिए नई तारीख मांगी। अब 19 जून को होने वाली बैठक में अभिषेक बनर्जी अपना पक्ष रखेंगे।

दरअसल, बागी सांसदों का दावा है कि उन्होंने NCPI में विलय कर संविधान की दसवीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) के तहत जरूरी शर्त पूरी कर ली है। कानून के अनुसार, यदि किसी दल के कम से कम दो-तिहाई सांसद किसी दूसरी पार्टी में शामिल हो जाते हैं, तो उसे वैध विलय माना जा सकता है। बागी गुट का कहना है कि उनके साथ 20 सांसद हैं, जो इस शर्त को पूरा करते हैं।

वहीं TMC नेतृत्व इस दावे को चुनौती देने की तैयारी में है। ऐसे में यह मामला अब राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है।त्रिपुरा की क्षेत्रीय पार्टी NCPI ने बागी सांसदों का स्वागत किया है। पार्टी के राष्ट्रीय संगठन सचिव शांतनु डे ने कहा है कि वह पार्टी के विस्तार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप काम करने को लेकर उत्साहित हैं।